नाबालिग के अपहरण-दुष्कर्म कांड का 24 घंटे में खुलासा, झारखंड से आरोपी गिरफ्तार — चरचा पुलिस की बड़ी कामयाबी

 
जिला कोरिया। जिले में नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म के सनसनीखेज मामले में थाना चरचा पुलिस ने असाधारण तत्परता दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर बड़ा खुलासा कर दिया। पुलिस ने न केवल अपहृत बालिका को सुरक्षित बरामद किया, बल्कि अंतरराज्यीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को झारखंड से गिरफ्तार कर कानून के हवाले कर दिया। इस पूरी कार्रवाई ने पुलिस की सक्रियता और प्रोफेशनल कार्यशैली को एक बार फिर साबित कर दिया है।

घटना की शुरुआत और त्वरित पुलिस एक्शन

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 08 अप्रैल 2026 को पीड़िता की मां ने थाना चरचा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी नाबालिग पुत्री को 07 अप्रैल की शाम एक अज्ञात युवक बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। मामला सामने आते ही पुलिस हरकत में आई और तत्काल अपराध क्रमांक 65/2026 धारा 137(2) बीएनएस के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई।

थाना प्रभारी आनंद सोनी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर सूचना और साइबर ट्रैकिंग के जरिए आरोपी की लोकेशन का पता लगाना शुरू किया। पुलिस ने बिना समय गंवाए संभावित स्थानों पर दबिश देना शुरू किया।

सूरजपुर से सकुशल बरामदगी, पीड़िता ने सुनाई आपबीती
लगातार प्रयासों के बाद 09 अप्रैल को पुलिस टीम ने सूरजपुर जिले से नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद कर लिया। बरामदगी के बाद पीड़िता के बयान में जो खुलासे हुए, उन्होंने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया।

पीड़िता ने बताया कि आरोपी शरीफ खान ने उसे शादी का झांसा दिया और काम दिलाने का लालच देकर अपने साथ मोटरसाइकिल (CG 16 CS 3298) में बैठाकर ले गया। रास्ते में सुनसान स्थान पर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। इसके बाद आरोपी उसे झारखंड के गढ़वा ले गया, जहां कई दिनों तक उसका शारीरिक शोषण किया गया।

पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने मामले में धारा 64, 87 बीएनएस के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 4 और 6 भी जोड़ दी।

अंतरराज्यीय ऑपरेशन: झारखंड से गिरफ्तारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने राज्य की सीमाएं पार करते हुए आरोपी का पीछा जारी रखा। तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर आरोपी की मौजूदगी झारखंड के गढ़वा जिले में पाई गई।

चरचा पुलिस ने वहां दबिश देकर आरोपी शरीफ खान को गिरफ्तार कर लिया और 14 अप्रैल 2026 को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली है।

आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड, परिवार भी संदेह के घेरे में
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी शरीफ खान एक शातिर और आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ पहले भी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता की जानकारी मिली है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस पूरे घटनाक्रम में उसके परिवार या अन्य लोगों की भी कोई भूमिका रही है।

टीमवर्क बना सफलता की कुंजी

इस पूरे ऑपरेशन में थाना प्रभारी आनंद सोनी के नेतृत्व में एसआई बालेश्वर महानंदी, प्रधान आरक्षक शशि भूषण, आरक्षक आनंद टोप्पो, नारायण नायक, रूपनारायण, सैनिक विकास सिंह और साइबर स्टाफ आरक्षक अमरेशा की अहम भूमिका रही। टीम ने सीमित समय में जिस समन्वय और तेजी के साथ कार्रवाई की, वह काबिले तारीफ है।

जनता ने की सराहना, बढ़ा भरोसा

घटना के खुलासे और आरोपी की त्वरित गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में चरचा पुलिस की जमकर सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की सख्त और तेज कार्रवाई से अपराधियों में खौफ बना रहेगा और आम जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी।

थाना प्रभारी आनंद सोनी की कार्यशैली को लेकर भी लोगों में विश्वास बढ़ा है। उनके कार्यकाल में लगातार बड़े मामलों का खुलासा और कोयला माफियाओं पर की जा रही कार्रवाई से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था में सुधार देखने को मिल रहा है।

निष्कर्ष

चरचा पुलिस की यह कार्रवाई न केवल एक गंभीर अपराध का त्वरित खुलासा है, बल्कि यह भी संदेश देती है कि अपराधी चाहे कितनी भी दूर क्यों न भाग जाए, कानून के हाथ से बच नहीं सकता। पुलिस की मुस्तैदी और समर्पण ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि न्याय दिलाने के लिए तंत्र पूरी तरह सजग और प्रतिबद्ध है।

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