चरचा कॉलरी। एसईसीएल बैकुंठपुर क्षेत्र के अंतर्गत चरचा माइंस आरओ में कार्यरत कामगारों के लिए बस सेवा बंद होने का मामला अब गंभीर विवाद का रूप ले चुका है। चरचा ईस्ट कटगोड़ी सॉफ्ट में ड्यूटी करने वाले श्रमिकों को कार्यस्थल तक पहुंचाने वाली बस के अचानक बंद हो जाने से जहां पहले से ही परेशानी बनी हुई थी, वहीं अब इस पूरे मामले में प्रशासनिक लापरवाही के आरोप भी सामने आ रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, खान प्रबंधक की ओर से बस सेवा को लेकर एक पत्र जारी किया गया, लेकिन हैरानी की बात यह है कि उस पत्र पर खान प्रबंधक के हस्ताक्षर ही नहीं हैं। इस बिना हस्ताक्षर वाले पत्र के आधार पर बस संचालक द्वारा सेवा शुरू नहीं की जा रही है, जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
कामगारों का कहना है कि यह न केवल लापरवाही है, बल्कि उनकी सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ है। रोजाना लंबी दूरी तय कर जोखिम उठाकर कार्यस्थल तक पहुंचना उनकी मजबूरी बन गई है। श्रमिकों ने साफ शब्दों में कहा कि यदि आने-जाने के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना या अनहोनी होती है, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी—इसका जवाब प्रबंधन को देना चाहिए।
वहीं, महाप्रबंधक बैकुंठपुर वीएन झा ने पहले ही स्पष्ट किया है कि बस सेवा ठेका आधारित थी, जिसका अनुबंध समाप्त हो गया था। नया ठेका हो चुका है और एक-दो दिनों के भीतर बस सेवा पुनः शुरू कर दी जाएगी। साथ ही इसकी जानकारी कामगारों को दे दी गई है।
इसके बावजूद जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी हुई है, जिससे कामगारों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
अब देखना यह होगा कि प्रबंधन इस गंभीर स्थिति को कितनी जल्दी संभालता है और कामगारों को राहत कब तक मिलती है।
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