चरचा कॉलरी। एसईसीएल बैकुंठपुर क्षेत्र में सक्रिय मजदूर नेता और चरचा आर.ओ. में कार्यरत सचिव एवं जीसीसी सदस्य जितेंद्र श्रीवास्तव को एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें अब बैकुंठपुर एरिया की क्षेत्रीय संचालन समिति का सदस्य नियुक्त किया गया है, जिससे क्षेत्र के श्रमिकों में खुशी की लहर है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, समन्वय समिति एसईसीएल, भारतीय मजदूर संघ बिलासपुर द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के माध्यम से यह घोषणा की गई। इस नियुक्ति के तहत श्रीवास्तव को चरचा उपक्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए श्रमिकों की समस्याओं और हितों को प्रमुखता से उठाने की जिम्मेदारी दी गई है।
जितेंद्र श्रीवास्तव लंबे समय से मजदूर हितों के लिए संघर्ष करते रहे हैं। प्रबंधन के समक्ष श्रमिकों की आवाज बुलंद करने और उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ने में उनकी पहचान एक जुझारू और निडर नेता के रूप में रही है।
वर्तमान में वे चरचा आर.ओ. में वरिष्ठ लिपिक के पद पर कार्यरत हैं और अपने अनुभव व कार्यशैली के कारण मजदूरों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। साथ ही उनके नेतृत्व में एसईसीएल चरचा आरओ में भारतीय मजदूर संघ कि भुमिका दो बार से बहुमत साबित हुई है।
उनकी इस उपलब्धि पर भारतीय मजदूर संघ के केन्द्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह, केन्द्रीय महामंत्री सुजीत सिंह, भारतीय खदान मजदूर संघ के पदाधिकारियों सहित अनेक साथियों ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।
बताया जाता है कि यह नई जिम्मेदारी उन्हें वरिष्ठ श्रमिक नेता मजरूल हक अंसारी की अनुशंसा पर सौंपी गई है, जिससे उनके नेतृत्व और कार्यक्षमता पर भरोसा झलकता है।
जितेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि वे इस नई जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाएंगे तथा कोयला कामगारों के हक और अधिकारों की लड़ाई को और मजबूती से आगे बढ़ाएंगे।
इस नियुक्ति से क्षेत्र के मजदूरों को उम्मीद है कि उनकी समस्याओं का समाधान अब और तेजी से होगा और उनके अधिकारों की आवाज और बुलंद होगी।
श्रीवास्तव ने आगे कहा कि कोयला उद्योग में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा, सुविधाएं और उनके अधिकार सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्रीय संचालन समिति में अपनी सक्रिय भूमिका के माध्यम से वे मजदूरों की हर समस्या को गंभीरता से उठाएंगे और समाधान के लिए प्रबंधन से लगातार संवाद करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में श्रमिकों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस परिणाम की आवश्यकता है। वे वेतन, कार्यस्थल की सुरक्षा, चिकित्सा सुविधा, आवास और अन्य मूलभूत जरूरतों से जुड़े मुद्दों पर विशेष ध्यान देंगे।
श्रीवास्तव ने संगठन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह जिम्मेदारी उनके लिए सम्मान के साथ-साथ एक बड़ी चुनौती भी है, जिसे वे पूरी निष्ठा के साथ निभाएंगे। उन्होंने सभी श्रमिक साथियों से एकजुट रहने और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने की अपील की।
क्षेत्र में बढ़ी उम्मीदें
उनकी नियुक्ति के बाद चरचा सहित पूरे बैकुंठपुर क्षेत्र के कोयला कामगारों में नई उम्मीद जगी है। श्रमिकों का मानना है कि श्रीवास्तव के नेतृत्व में उनकी समस्याओं को मजबूती से उठाया जाएगा और समाधान की दिशा में ठोस पहल होगी।
संगठन को मिलेगा मजबूती
जानकारों का कहना है कि श्रीवास्तव के अनुभव और सक्रियता से न केवल श्रमिकों को लाभ मिलेगा, बल्कि संगठन को भी नई दिशा और मजबूती प्राप्त होगी।
कुल मिलाकर, यह नियुक्ति न केवल एक व्यक्ति की उपलब्धि है, बल्कि पूरे श्रमिक वर्ग के लिए एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
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