मौत को दावत देता जर्जर ढांचा श्रमवीर स्टेडियम के प्रवेश द्वार से गिरा भारी हिस्सा, बड़ा हादसा टला


चरचा कॉलरी। एसईसीएल बैकुंठपुर क्षेत्र के चरचा कॉलरी स्थित ऐतिहासिक श्रमवीर स्टेडियम में सोमवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। स्टेडियम के मुख्य प्रवेश द्वार के ऊपर से अचानक भारी भरकम परत गिरने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गिरा हुआ हिस्सा काफी बड़ा था और यदि उस समय कोई व्यक्ति वहां मौजूद होता, तो गंभीर जानहानि हो सकती थी। घटना के बाद आसपास के लोगों में भय और आक्रोश दोनों देखने को मिला।

करीब 50 साल पुराने इस स्टेडियम का प्रवेश द्वार लंबे समय से जर्जर स्थिति में है, लेकिन इसके बावजूद एसईसीएल प्रबंधन ने अब तक इसकी मरम्मत को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार इस ओर ध्यान दिलाया गया, लेकिन हर बार अनदेखी ही की गई।

सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब इसी स्टेडियम में कुछ महीने पहले भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें उच्च अधिकारी और एसईसीएल के सीएमडी भी शामिल हुए और लाखों रुपये खर्च किए गए, तो फिर इस जर्जर प्रवेश द्वार की मरम्मत क्यों नहीं कराई गई?

लोगों में आक्रोश, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

घटना के बाद क्षेत्रवासियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
लोगों का कहना है कि स्टेडियम में रोजाना बच्चे, युवा और बुजुर्ग आते हैं, ऐसे में इस तरह का जर्जर ढांचा कभी भी बड़ी दुर्घटना को न्योता दे सकता है। यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो किसी की जान भी जा सकती है।

जिम्मेदार कौन? उठ रहे गंभीर सवाल

स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाया है कि आखिर इतने बड़े खतरे के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी अब तक क्यों मौन हैं? क्या किसी बड़ी घटना का इंतजार किया जा रहा है? सुरक्षा मानकों की अनदेखी सीधे-सीधे लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ है।

पूर्व में भी उठ चुकी है मरम्मत की मांग

जानकारी के अनुसार, श्रमवीर स्टेडियम की जर्जर स्थिति को लेकर पहले भी कई बार स्थानीय स्तर पर आवाज उठाई जा चुकी है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई।

प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग

अब क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से भी हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि यदि एसईसीएल प्रबंधन इस ओर ध्यान नहीं देता, तो प्रशासन को आगे आकर जनहित में कार्रवाई करनी चाहिए।

आंदोलन की चेतावनी

स्थानीय लोगों ने स्पष्ट कहा है कि यदि जल्द से जल्द स्टेडियम के प्रवेश द्वार की मरम्मत और पूरे परिसर की सुरक्षा जांच नहीं कराई गई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।

लोगों का कहना है अब और इंतजार नहीं, सुरक्षा से समझौता बिल्कुल नहीं।

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