जिला कोरिया। दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अब पगडंडियों पर निर्भर जीवन जल्द ही अतीत बनने वाला है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को जशपुर से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (फेज-4) के तहत प्रदेशव्यापी सड़क निर्माण कार्यों का वर्चुअल शुभारंभ करते हुए विकास की नई दिशा तय की।
इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत प्रदेश के 780 बसाहटों को जोड़ने के लिए 774 सड़कों का निर्माण किया जाएगा। कुल 2427 किलोमीटर लंबी इन सड़कों पर 2225 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जो ग्रामीण कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
कोरिया जिले को मिली 113 करोड़ की सौगात
इसी क्रम में कोरिया जिला को भी उल्लेखनीय लाभ मिला है। जिले में 27 नई सड़कों के निर्माण को स्वीकृति दी गई है। इन सड़कों की कुल लंबाई 131.84 किलोमीटर होगी, जिस पर 113 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जाएगी। जिला पंचायत ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों द्वारा भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया गया।
बैकुंठपुर और सोनहत में सबसे अधिक काम
योजना के तहत बैकुंठपुर विकासखंड में 17 सड़कों का निर्माण होगा (74.70 किमी, लागत 65.49 करोड़)
सोनहत क्षेत्र में 10 सड़कों का निर्माण किया जाएगा (57.14 किमी, लागत 47.59 करोड़)
ग्रामीण जीवन में आएगा बड़ा बदलाव
इन सड़कों के निर्माण से हजारों ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा। अब तक कच्चे रास्तों और पगडंडियों पर निर्भर गांवों को पक्की सड़कों की सुविधा मिलेगी। इससे
आवागमन आसान होगा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बेहतर होगी, बाजार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
समय और लागत दोनों की बचत होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाली साबित होगी।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी
कार्यक्रम में कलेक्टर चन्दन त्रिपाठी, जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष मोहित पैकरा, उपाध्यक्ष वंदना राजवाड़े सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
समयसीमा और गुणवत्ता पर जोर
जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट कहा कि सड़कों का निर्माण निर्धारित समय सीमा में और उच्च गुणवत्ता के साथ किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि ये सड़कें जिले के समग्र विकास की रीढ़ साबित होंगी और आने वाले वर्षों में क्षेत्र की तस्वीर बदल देंगी।
निष्कर्ष:
कोरिया जिले में शुरू हुआ यह सड़क निर्माण अभियान केवल इंफ्रास्ट्रक्चर विकास नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन स्तर में व्यापक सुधार की दिशा में एक निर्णायक पहल है। पगडंडियों से पक्की सड़कों तक का यह सफर विकास की नई कहानी लिखने जा रहा है।
0 टिप्पणियाँ