जिला कोरिया। इस्लामिक कैलेंडर के पहले महीने मोहर्रम की 10वीं तारीख पर चरचा कॉलरी में आस्था, श्रद्धा और भाईचारे का अनुपम संगम देखने को मिला। हज़रत इमाम हसन और हज़रत इमाम हुसैन की शहादत की याद में जामा मस्जिद के समीप मुस्लिम समुदाय द्वारा भव्य अखाड़े का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शामिल होकर कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की। पूरे क्षेत्र में "या हुसैन... या हुसैन..." की गूंज के बीच वातावरण पूरी तरह श्रद्धा और अकीदत से सराबोर रहा।
जामा मस्जिद परिसर के आसपास ताजिए, अलम और अखाड़े के विभिन्न दलों ने अपनी पारंपरिक प्रस्तुतियां दीं। युवाओं ने लाठी, तलवार तथा अन्य पारंपरिक युद्ध कलाओं का आकर्षक प्रदर्शन कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। ढोल-ताशों की गूंज और मातमी धुनों के बीच इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद करते हुए लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
अखाड़े में महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों सहित बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता रही। आयोजन के दौरान विभिन्न समुदायों के लोगों की मौजूदगी ने सामाजिक सौहार्द, आपसी भाईचारे और गंगा-जमुनी तहज़ीब की सुंदर मिसाल पेश की।
मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि अन्याय, अत्याचार और असत्य के विरुद्ध सत्य, न्याय और इंसानियत की जीत का प्रतीक भी है। कर्बला की जंग में हज़रत इमाम हुसैन ने अपने परिवार और साथियों के साथ सत्य एवं इंसाफ की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। उनका यह त्याग आज भी पूरी दुनिया को सत्य, धैर्य, साहस, बलिदान और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे कार्यक्रम पर लगातार नजर बनाए रखी, जिससे अखाड़े का आयोजन शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर सह क्षेत्र प्रबंधक संजय सिंह भी उपस्थित रहे। उन्होंने अखाड़े का अवलोकन किया तथा मुस्लिम समुदाय के लोगों से मुलाकात कर मोहर्रम की शुभकामनाएं देते हुए शांति, सद्भाव और भाईचारे के साथ पर्व मनाने का संदेश दिया। उनकी उपस्थिति से आयोजन की गरिमा और बढ़ गई।

चरचा कॉलरी में आयोजित यह भव्य अखाड़ा न केवल धार्मिक आस्था और परंपराओं का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता, आपसी प्रेम और भाईचारे का सशक्त संदेश देकर लोगों के दिलों में अपनी अमिट छाप छोड़ गया।