मुहर्रम पर्व को लेकर चरचा थाना में शांति समिति की बैठक, सौहार्दपूर्ण आयोजन पर जोर

चरचा काॅलरी। आगामी मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से सोमवार को चरचा थाना परिसर में शांति समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों तथा अंजुमन इस्लामिया कमेटी के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने भाग लेकर त्योहार के सफल आयोजन को लेकर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में उप पुलिस अधीक्षक आशा सेन, थाना प्रभारी उप निरीक्षक आनंद सोनी, नगर पालिका उपाध्यक्ष राजेश सिंह, वरिष्ठ पत्रकार नीरज गुप्ता, पत्रकार अंकित अग्रवाल, पत्रकार प्रकाश शर्मा, पार्षद धर्मपाल सहित अंजुमन इस्लामिया कमेटी के प्रतिनिधि सोलह अहमद, नौशाद अहमद, अकरम, सरफराज, दाऊद एवं अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान मुहर्रम जुलूस के मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, कानून-व्यवस्था तथा सामाजिक सौहार्द बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। अंजुमन इस्लामिया कमेटी के सदस्यों ने जानकारी देते हुए बताया कि 24 जून को जामा मस्जिद से मुहर्रम का जुलूस निकाला जाएगा, जो राजीव गांधी चौक से मुख्य मार्ग होते हुए विवेकानंद कॉलोनी तक पहुंचेगा और वहीं संपन्न होगा।

कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि जुलूस के दौरान पारंपरिक करतबों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन में उपयोग किए जाने वाले सभी हथियार केवल डमी (प्रतीकात्मक) हथियार होंगे, जिससे किसी प्रकार की दुर्घटना या नुकसान की संभावना नहीं रहेगी। साथ ही जुलूस के दौरान अनुशासन, सुरक्षा और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन किया जाएगा।

उपस्थित अधिकारियों ने त्योहार को भाईचारे, शांति और सामाजिक एकता के साथ मनाने की अपील करते हुए कहा कि मुहर्रम केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि त्याग, बलिदान और मानवता के संदेश को याद करने का अवसर भी है। उन्होंने सभी समुदायों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए अफवाहों से दूर रहने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की बात कही।

बैठक में यह भी तय किया गया कि जुलूस के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाएंगे तथा प्रशासन और पुलिस की टीम पूरे समय निगरानी रखेगी, ताकि त्योहार शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

मुहर्रम को लेकर आयोजित इस शांति समिति बैठक ने एक बार फिर चरचा क्षेत्र की सामाजिक एकता, आपसी भाईचारे और साम्प्रदायिक सौहार्द की मिसाल प्रस्तुत की है।

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