शाला प्रवेश उत्सव की धूम: तिलक, मिठाई और फूलों से हुआ विद्यार्थियों का स्वागत


जिला कोरिया। प्रदेश में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत उत्साह और उमंग के साथ हुई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के आह्वान पर 16 जून से 27 जून तक आयोजित किए जा रहे शाला प्रवेश उत्सव के तहत कोरिया जिला सहित आस पास के क्षेत्रों के विद्यालयों में विद्यार्थियों का विशेष स्वागत किया गया। पहले ही दिन स्कूल परिसरों में बच्चों की चहल-पहल, खिलखिलाहट और उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला।
हिन्द विद्यालय इंग्लिश मीडियम हायर सेकेंडरी स्कूल चरचा में नए शैक्षणिक सत्र के प्रथम दिवस को “प्रवेश उत्सव” के रूप में मनाया गया। विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर, फूल भेंट कर तथा मिठाई खिलाकर आत्मीय स्वागत किया। स्कूल परिसर में बच्चों के चेहरों पर नई कक्षा और नए वातावरण को लेकर उत्सुकता और खुशी साफ झलक रही थी। वहीं अभिभावकों ने भी अपने बच्चों के भविष्य को लेकर नए सत्र की शुरुआत पर प्रसन्नता व्यक्त की।
क्षेत्र के अन्य विद्यालयों में भी शाला प्रवेश उत्सव को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल, ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल, सरस्वती शिशु मंदिर, पीएम श्री विद्यालय, स्वामी रामदास विद्यालय एवं विभिन्न हाई स्कूलों में विद्यार्थियों का पारंपरिक स्वागत कर उन्हें शिक्षा के महत्व से अवगत कराया गया।
स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में सुबह 7 बजे से ही कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां बच्चों को तिलक लगाकर एवं लड्डू खिलाकर विद्यालय में प्रवेश कराया गया। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, अनुशासन एवं विद्यालयीन गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
हालांकि शैक्षणिक सत्र के पहले दिन विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति अपेक्षाकृत कम रही, लेकिन शिक्षा विभाग एवं विद्यालय प्रबंधन को आगामी दिनों में छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। शाला प्रवेश उत्सव का उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालय से जोड़ना, ड्रॉपआउट दर को कम करना तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
क्षेत्र के शिक्षाविदों का मानना है कि इस प्रकार के आयोजनों से बच्चों में विद्यालय के प्रति अपनापन बढ़ता है और शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार होता है। शाला प्रवेश उत्सव ने नए सत्र की शुरुआत को यादगार बना दिया तथा विद्यार्थियों के मन में विद्यालय के प्रति उत्साह और आत्मविश्वास का संचार किया।
विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि नए सत्र में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम, विज्ञान, पर्यावरण एवं व्यक्तित्व विकास संबंधी विभिन्न गतिविधियों का भी आयोजन किया जाएगा। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को नियमित उपस्थिति, अनुशासन एवं अध्ययन के प्रति गंभीर रहने का संदेश दिया।

शाला प्रवेश उत्सव के दौरान अभिभावकों को भी बच्चों की शिक्षा में सक्रिय सहभागिता निभाने के लिए प्रेरित किया गया। शिक्षकों ने कहा कि विद्यालय और अभिभावकों के संयुक्त प्रयास से ही बच्चों का बेहतर भविष्य निर्माण संभव है। इस अवसर पर विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों, शैक्षणिक सामग्री एवं शासन की विभिन्न छात्र हितैषी योजनाओं की जानकारी भी दी गई।

क्षेत्र के कई विद्यालयों में बच्चों ने नए मित्रों और शिक्षकों से परिचय प्राप्त किया तथा विद्यालय परिसर का भ्रमण कर कक्षाओं की जानकारी ली। छोटे बच्चों के लिए यह दिन विशेष रूप से यादगार रहा, क्योंकि पहली बार विद्यालय पहुंचे कई नौनिहालों का स्वागत उत्सव के माहौल में किया गया।

शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता का संकेत

शाला प्रवेश उत्सव केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि शिक्षा के प्रति समाज की बढ़ती जागरूकता और बच्चों को विद्यालय से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण अभियान है। शासन की मंशा के अनुरूप विद्यालयों में उत्सवपूर्ण वातावरण तैयार कर विद्यार्थियों को शिक्षा के मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के साथ ही चरचा क्षेत्र के विद्यालयों में एक नई ऊर्जा और सकारात्मक वातावरण का संचार हुआ है। आने वाले दिनों में विद्यार्थियों की बढ़ती उपस्थिति के साथ स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियां पूरी रफ्तार से संचालित होने लगेंगी।

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