चरचा में चोरों के हौसले बुलंद: कामगारों पर पथराव, एक की पैर की हड्डी टूटी........कोयला-कबाड़ चोरी रोकने का प्रयास पड़ा भारी, श्रमिकों में दहशत और आक्रोश......लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाएं, पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल.......


चरचा कॉलरी। एसईसीएल के कोलांचल क्षेत्र में कोयला और कबाड़ चोरों का आतंक दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। स्थिति यह हो गई है कि अब चोर केवल चोरी की वारदातों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनका विरोध करने वाले कर्मचारियों और कामगारों पर जानलेवा हमला करने से भी नहीं चूक रहे हैं। शनिवार सुबह चरचा माइन आर.ओ. में घटी एक गंभीर घटना ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।

जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह ड्यूटी पर तैनात कामगारों के ऊपर कुछ असामाजिक तत्वों और चोरों द्वारा अचानक पथराव कर दिया गया। इस हमले में एक कामगार गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पत्थरबाजी इतनी तीव्र थी कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कर्मचारियों को अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागना पड़ा।
घायल कामगार को तत्काल उपचार के लिए चरचा स्थित रीजनल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा जांच किए जाने पर उसके पैर की हड्डी टूटने की पुष्टि की गई। डॉक्टरों के अनुसार घायल को लंबे समय तक उपचार और आराम की आवश्यकता पड़ सकती है।

चोरी के साथ बढ़ रही हिंसक घटनाएं

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से क्षेत्र में कोयला और कबाड़ चोरी की घटनाओं में लगातार वृद्धि हुई है। चोर रात के अंधेरे में ही नहीं, बल्कि दिनदहाड़े भी सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। कई बार शिकायतों के बावजूद चोरी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पाया है। अब स्थिति यह बन गई है कि चोरों ने कर्मचारियों को ही निशाना बनाना शुरू कर दिया है।
श्रमिकों में भय, सुरक्षा को लेकर चिंता

घटना के बाद श्रमिकों और कर्मचारियों में भारी नाराजगी व्याप्त है। उनका कहना है कि जब कार्यस्थल पर ही उनकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं है तो वे भयमुक्त होकर कार्य कैसे कर सकते हैं। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।

पुलिस प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल

क्षेत्रवासियों और श्रमिक संगठनों ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि चोरी और आपराधिक गतिविधियों की लगातार शिकायतें सामने आने के बावजूद अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से उनके हौसले बढ़ते जा रहे हैं। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई की जाती तो ऐसी घटना को रोका जा सकता था।

दोषियों की गिरफ्तारी और सुरक्षा बढ़ाने की मांग

घटना के बाद श्रमिकों, स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने पुलिस प्रशासन तथा एसईसीएल प्रबंधन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी, चोरी के गिरोहों पर कार्रवाई, खदान क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाने तथा कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

कोलांचल क्षेत्र में बढ़ते अपराध और कामगारों पर हो रहे हमलों ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। अब सभी की निगाहें प्रशासन और प्रबंधन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ