राज्य स्तरीय इको क्लब प्रशिक्षण में कोरिया जिले का दमदार प्रतिनिधित्व, चार व्याख्याताओं ने लिया विशेष प्रशिक्षण, रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण और मिशन लाइफ पर हुआ मंथन

जिला कोरिया। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर रायपुर स्थित बेबीलोन इंटरनेशनल होटल में इको क्लब मिशन लाइफ के अंतर्गत आयोजित राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में कोरिया जिले के चार व्याख्याताओं ने सहभागिता कर जिले का गौरव बढ़ाया। पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास एवं हरित जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस प्रशिक्षण में प्रदेशभर से शिक्षकों एवं इको क्लब से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के पर्यावरण एवं वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने विद्यार्थियों में पर्यावरणीय चेतना विकसित करने में इको क्लब की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विद्यालय स्तर पर संचालित इको क्लब विद्यार्थियों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाने के साथ-साथ उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं। उन्होंने मिशन लाइफ के सिद्धांतों को दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान भी किया।

कोरिया जिले में जिला प्रशासन के मार्गदर्शन तथा जिला शिक्षा अधिकारी श्री विनोद कुमार राय एवं सहायक संचालक श्री जितेंद्र गुप्ता के निर्देशन में जिले का प्रतिनिधित्व इको क्लब जिला समन्वयक एवं प्रभारी प्राचार्य श्री रविकांत मिश्रा, मास्टर ट्रेनर श्री कमल डडसेना (सेजेस चरचा), श्री रामकुमार राजवाड़े (शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय चिताझोर पोड़ी) तथा श्री महेश शिवहरे (शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सारा) ने किया।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को जल संरक्षण, ऊर्जा संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण तथा पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। साथ ही विद्यालयों में इको क्लब गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने, विद्यार्थियों को पर्यावरणीय अभियानों से जोड़ने तथा स्थानीय स्तर पर जनजागरूकता बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा की गई।

प्रशिक्षण प्राप्त कर लौटे मास्टर ट्रेनरों ने बताया कि राज्य स्तरीय कार्यक्रम से उन्हें नई जानकारियां और व्यवहारिक अनुभव प्राप्त हुए हैं, जिनका लाभ जिले के विद्यालयों में संचालित इको क्लब गतिविधियों को मिलेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता और अधिक मजबूत होगी तथा हरित एवं स्वच्छ भविष्य के निर्माण की दिशा में सार्थक पहल देखने को मिलेगी।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम आने वाले समय में विद्यालयों और समाज दोनों स्तरों पर दिखाई देंगे।

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