जिला कोरिया। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर, बैकुंठपुर में शुक्रवार को वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री योगेश पारीक के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में न्यायपालिका से जुड़े अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान श्री पारीक ने न्यायालय परिसर में पौधारोपण करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को वृक्षारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक पौधा केवल पेड़ नहीं बनता, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वायु, हरियाली और बेहतर जीवन का आधार बनता है।
यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित किया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश श्री आशीष पाठक, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती प्रतीक्षा अग्रवाल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती अमृता दिनेश मिश्रा तथा जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सुल्तान अंसारी ने भी पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं का विषय नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा एक सामाजिक दायित्व है। यदि प्रत्येक व्यक्ति वर्ष में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
न्यायालय परिसर में लगाए गए पौधों के माध्यम से हरित वातावरण को बढ़ावा देने के साथ-साथ लोगों को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का एहसास कराने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम के दौरान सभी न्यायाधीशों, कर्मचारियों एवं अधिवक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और हरियाली बढ़ाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम न केवल पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश देने वाला रहा, बल्कि समाज को हरित एवं सुरक्षित भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी प्रदान करता है।
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