जिला कोरिया। क्षेत्र की ग्राम पंचायतों और नगर पालिका क्षेत्र को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों पर राज्य शासन द्वारा लाखों रुपये की लागत से स्ट्रीट लाइट और बिजली के खंभे तो लगा दिए गए, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी इन लाइटों में बिजली की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। परिणामस्वरूप पूरा मार्ग आज भी अंधेरे में डूबा हुआ है।
जानकारी के अनुसार जिला पंचायत मुख्यालय से महज तीन किलोमीटर दूर स्थित बाता पास रोड, जो खरवत अंडर ब्रिज से होकर नगर पालिका शिवपुर चरचा तक जाता है, वहां वर्षों पहले स्ट्रीट लाइट के लिए खंभे और अन्य संसाधन लगाए गए थे। लेकिन आज तक इन लाइटों में बिजली नहीं जली। यह मार्ग ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के हजारों लोगों के आवागमन का प्रमुख रास्ता है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवाजाही करते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई सरकारें आईं और चली गईं, जनप्रतिनिधियों ने चुनाव के दौरान बड़े-बड़े वादे भी किए, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। करोड़ों और लाखों की विकास योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नजर आ रही हैं, जबकि आम जनता अंधेरे में सफर करने को मजबूर है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि रात के समय मार्ग पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने से दुर्घटनाओं और आपराधिक घटनाओं की आशंका बनी रहती है। लोगों ने राज्य शासन और जिला प्रशासन से मांग की है कि इस महत्वपूर्ण मार्ग पर जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति शुरू कर स्ट्रीट लाइटों को चालू कराया जाए, ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके।
क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना की जिम्मेदारी संबंधित विभाग और प्रशासन की होगी।
जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई बार इस समस्या की जानकारी जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल देखने को नहीं मिली है। लोगों का आरोप है कि लाखों रुपये खर्च कर लगाए गए खंभे और स्ट्रीट लाइटें केवल शोभा की वस्तु बनकर रह गई हैं। इससे सरकारी धन के उपयोग और योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
बारिश के मौसम में बढ़ी चिंता
वर्तमान में मानसून का दौर शुरू हो चुका है। ऐसे में रात के समय अंधेरे के कारण राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान सड़क पर गड्ढे और अन्य बाधाएं दिखाई नहीं देतीं, जिससे दुर्घटना की संभावना और बढ़ जाती है।
क्षेत्रवासियों ने की त्वरित कार्रवाई की मांग
क्षेत्र के ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि विद्युत विभाग, लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से निरीक्षण कर जल्द से जल्द स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को चालू कराएं। उनका कहना है कि यदि करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं का लाभ आम जनता तक नहीं पहुंच रहा है तो ऐसी योजनाओं का औचित्य ही समाप्त हो जाता है।
लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को प्राथमिकता में लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करेगा, ताकि वर्षों से अंधेरे में डूबे इस महत्वपूर्ण मार्ग पर रोशनी लौट सके और नागरिक सुरक्षित आवागमन कर सकें।
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