छत्तीसगढ़ की बेटी शिवानी सोनी का विश्व में डंका: इंटरनेशनल रिकॉर्ड से सम्मानित, मंत्री राजेश अग्रवाल ने दी बधाई


जिला कोरिया/सरगुजा। छत्तीसगढ़ की प्रतिभाशाली अंतरराष्ट्रीय गोल्फ खिलाड़ी शिवानी सोनी ने वैश्विक मंच पर इतिहास रचते हुए प्रदेश का मान बढ़ाया है। सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली राज्य की पहली महिला खिलाड़ी के रूप में उन्हें International Book of Records द्वारा सम्मानित किया गया है।

इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने शिवानी सोनी से मुलाकात कर उन्हें बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि जब बेटियां अपनी मेहनत और लगन से नए कीर्तिमान स्थापित करती हैं, तो पूरा समाज गौरवान्वित होता है। उन्होंने कहा कि शिवानी की यह उपलब्धि न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है और यह युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।

उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, ताकि खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।

इस अवसर पर शिवानी सोनी ने भी आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देश और प्रदेश का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने भरोसा जताया कि वह भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन कर भारत का नाम ऊंचा करेंगी।

शिवानी की इस ऐतिहासिक सफलता से अंबिकापुर सहित पूरे सरगुजा संभाग में खुशी की लहर है। खेल जगत के जानकारों का मानना है कि यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी साबित होगी और प्रदेश की बेटियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का हौसला देगी।

इस उपलब्धि के बाद खेल जगत में शिवानी सोनी की चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार प्रदर्शन करना उनकी मेहनत, अनुशासन और समर्पण को दर्शाता है। यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि यह भी साबित करती है कि छोटे शहरों से निकलकर भी खिलाड़ी वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना सकते हैं।

प्रदेश के खेल प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों ने शिवानी की सफलता पर खुशी जताते हुए इसे “नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक” बताया है। अंबिकापुर और आसपास के क्षेत्रों में युवाओं, खासकर बेटियों के बीच खेल के प्रति उत्साह बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

वहीं, राजेश अग्रवाल ने संकेत दिए हैं कि राज्य में खेल अधोसंरचना को और मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे, ताकि प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे खिलाड़ियों की उपलब्धियों को व्यापक मंच दिया जाएगा, जिससे अन्य युवा भी प्रेरित होकर खेलों में करियर बनाने की ओर अग्रसर हों।

खेल विश्लेषकों का मानना है कि International Book of Records से मिला यह सम्मान शिवानी के करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव है, जो उन्हें भविष्य में और बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त करेगा।

 स्पष्ट संदेश:

छत्तीसगढ़ की यह उपलब्धि केवल एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि उस बदलते परिदृश्य का संकेत है, जहां प्रदेश की बेटियां अब सीमाओं को तोड़कर वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं।

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