जिला कोरिया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित आजीविका गतिविधियों का जायजा लेने कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव विकासखंड सोनहत पहुंचीं। उन्होंने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री योगेंद्र श्रीवास के साथ ग्राम केशगंवा स्थित आईएफसी (आईएफसी) केंद्र का निरीक्षण किया और विभिन्न स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित रोजगार गतिविधियों का अवलोकन किया। इस दौरान जनपद पंचायत सोनहत की टीम भी उपस्थित रही।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने जैविक खाद आधारित सब्जी उत्पादन, मुर्गी पालन, बकरी पालन, मत्स्य पालन सहित अन्य आजीविका गतिविधियों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने समूहों से अब तक किए गए निवेश, प्राप्त आर्थिक सहायता, उत्पादन, बिक्री, आय-व्यय तथा शुद्ध लाभ की जानकारी लेकर गतिविधियों की प्रगति का मूल्यांकन किया।
पहले समझें बाजार की मांग, फिर करें उत्पादन
महिलाओं से संवाद करते हुए कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने कहा कि किसी भी व्यवसाय की सफलता का आधार बाजार की मांग होती है। उन्होंने समझाया कि स्थानीय बाजार की जरूरत को पहचानकर उसी के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार किए जाएं, ताकि उत्पाद आसानी से बिके और अधिकतम लाभ प्राप्त हो। उन्होंने महिलाओं से कहा कि केवल सरकारी योजनाओं के लाभ तक सीमित न रहें, बल्कि उद्यमी सोच विकसित कर अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाएं।
पुनर्निवेश से मिलेगा व्यवसाय को विस्तार
कलेक्टर ने महिलाओं को व्यवसाय के आर्थिक प्रबंधन के गुर भी बताए। उन्होंने कहा कि व्यवसाय से होने वाली आय का बड़ा हिस्सा दोबारा उसी कार्य में निवेश करना चाहिए। समय-समय पर किया गया पुनर्निवेश ही व्यवसाय को विस्तार देता है और आय को स्थायी बनाता है। उन्होंने महिलाओं को सलाह दी कि वे अपने उत्पादों की सीधी बिक्री ग्राहकों तक पहुंचाने की व्यवस्था विकसित करें, जिससे बिचौलियों पर निर्भरता कम हो और अधिक लाभ प्राप्त हो सके।
आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ रहा बिहान मिशन
कलेक्टर ने कहा कि बिहान योजना के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं खेती, पशुपालन और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों से जुड़कर आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं। यदि बाजार की मांग, गुणवत्ता, विपणन और पुनर्निवेश पर विशेष ध्यान दिया जाए तो समूहों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। उन्होंने महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ अपने उद्यमों का विस्तार करने और अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बनने का आह्वान किया।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री योगेंद्र श्रीवास ने भी समूहों की गतिविधियों की जानकारी ली और महिलाओं को योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाकर स्थायी आजीविका स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। कलेक्टर के दौरे से समूह की महिलाओं में उत्साह का माहौल रहा और उन्होंने अपने उद्यमों को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
0 टिप्पणियाँ