आईआईटी भिलाई में चमके कोरिया के शिक्षक, आधुनिक शिक्षण तकनीकों का लिया प्रशिक्षण, विज्ञान शिक्षा को मिलेगी नई दिशा, राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के चौथे चरण का प्रशिक्षण सम्पन्न, AI, नवाचार और प्रयोगात्मक शिक्षण पर रहा विशेष फोकस

जिला कोरिया। राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा, छत्तीसगढ़ द्वारा राष्ट्रीय आविष्कार अभियान (RAA) के अंतर्गत भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई में आयोजित चार चरणों वाले राज्य स्तरीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का चौथा एवं अंतिम चरण सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रदेश के विज्ञान एवं गणित शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार आधारित शिक्षा तथा प्रयोगात्मक शिक्षण कौशल से सशक्त बनाना था।

यह प्रशिक्षण आयुक्त समग्र शिक्षा श्रीमती किरण कौशल, उप संचालक श्री ए.के. सारस्वत, सहायक संचालक श्रीमती मंजू साहू तथा सहायक कार्यक्रम समन्वयक श्री राजेश सोनकर के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। प्रदेश के सभी जिलों से चयनित विज्ञान एवं गणित के शिक्षक एवं व्याख्याताओं ने इसमें भाग लेकर आधुनिक एवं नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों का प्रशिक्षण प्राप्त किया।

कोरिया कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव एवं जिला शिक्षा अधिकारी श्री जितेंद्र गुप्ता के मार्गदर्शन में जिले के चयनित शिक्षकों ने भी प्रशिक्षण में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए अपनी उत्कृष्ट उपस्थिति दर्ज कराई। प्रशिक्षण में कमल डड़सेना (व्याख्याता, सेजेस चरचा), अमरनाथ सिंह (शिक्षक, शासकीय माध्यमिक शाला बालक चरचा), सुकांत समरथ, अगस्त तिवारी, राहुल टंडन, केशव कुमार, शांतनु आजाद सहित अन्य शिक्षकों ने भाग लेकर कोरिया जिले का गौरव बढ़ाया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल संचालन एवं समन्वयन डॉ. महबूब आलम एवं डॉ. ध्रुव प्रताप सिंह ने किया। समापन अवसर पर आईआईटी भिलाई के निदेशक डॉ. राजीव प्रकाश ने सभी प्रतिभागी शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षक ही विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, तार्किक दृष्टिकोण एवं नवाचार की भावना विकसित करने की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने शिक्षकों से प्रशिक्षण में अर्जित ज्ञान और अनुभव को विद्यालयों तक पहुँचाकर विद्यार्थियों को अनुसंधान एवं नवाचार के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

प्रशिक्षण के दौरान आईआईटी भिलाई के विशेषज्ञ प्राध्यापकों डॉ. महावीर शर्मा, डॉ. महबूब आलम, डॉ. ध्रुव प्रताप सिंह, डॉ. कुलदीप कटारिया एवं डॉ. रामसामी मायीमुर्गन ने भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित तथा खगोल विज्ञान के आधारभूत सिद्धांतों पर विस्तृत व्याख्यान दिए। विषयों को प्रयोगों, गतिविधियों, मॉडल निर्माण, समस्या-समाधान आधारित शिक्षण और दैनिक जीवन से जुड़े उदाहरणों के माध्यम से सरल, व्यावहारिक एवं रोचक ढंग से समझाया गया।

प्रशिक्षण में आधुनिक शिक्षण तकनीकों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के शैक्षणिक उपयोग, डिजिटल संसाधनों, प्रयोगशाला आधारित गतिविधियों, नवाचार परियोजनाओं तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के प्रभावी उपायों पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही शिक्षकों को विद्यार्थियों में जिज्ञासा, तार्किक चिंतन, अनुसंधान की प्रवृत्ति और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए अनेक व्यवहारिक गतिविधियों एवं प्रयोगों से भी अवगत कराया गया।

प्रतिभागी शिक्षकों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी, प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक बताते हुए कहा कि यहां प्राप्त अनुभवों का उपयोग वे अपने-अपने विद्यालयों में विद्यार्थियों के सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, रोचक और नवाचारपूर्ण बनाने में करेंगे। उनका मानना है कि इससे राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण, गतिविधि-आधारित एवं कौशलपरक शिक्षा को और अधिक मजबूती मिलेगी।

कोरिया जिले के शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता और उत्कृष्ट प्रदर्शन ने राज्य स्तर पर जिले की अलग पहचान स्थापित की है। यह प्रशिक्षण जिले के विद्यालयों में विज्ञान एवं गणित शिक्षण को नई दिशा देने के साथ-साथ विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, अनुसंधान की भावना एवं नवाचार की संस्कृति विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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