चरचा कॉलरी में ईद-उल-फितर की रौनक, जामा मस्जिद में उमड़ा जनसैलाब, भाईचारे का दिया संदेश

 

चरचा कॉलरी। रमजान के पवित्र महीने के समापन पर मनाया जाने वाला ईद-उल-फितर का पर्व इस वर्ष चरचा कॉलरी में अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और भाईचारे के साथ मनाया गया। सुबह से ही पूरे नगर में त्योहार की रौनक देखने को मिली, जहां हर घर, हर गली और हर चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी।
नगर के जामा मस्जिद में ईद की नमाज अदा करने के लिए हजारों की संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग एकत्रित हुए। सुबह 7 बजे से ही लोगों का मस्जिद पहुंचना शुरू हो गया था, जिससे पूरे क्षेत्र में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। ठीक सुबह 9 बजे मौलाना शकील अहमद कादरी ने नमाज अदा कराई। नमाज के बाद सभी ने एक-दूसरे को गले लगाकर “ईद मुबारक” कहा और आपसी प्रेम एवं सद्भाव का परिचय दिया।
ईद के इस खास अवसर पर शहर की मस्जिदों, ईदगाहों और दरगाहों को आकर्षक रोशनी और सजावट से सजाया गया था। बाजारों में भी चहल-पहल बनी रही। लोगों ने नए कपड़े खरीदे, घरों को सजाया और विशेष पकवानों की तैयारी की। बच्चों में खास उत्साह देखने को मिला, जिन्होंने खिलौनों और नए परिधानों के साथ ईद का आनंद लिया।
ईद-उल-फितर केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, भाईचारे और आपसी सौहार्द का प्रतीक है। यह पर्व हमें प्रेम, त्याग और मानवता का संदेश देता है, जिसे लोगों ने पूरे उत्साह के साथ आत्मसात किया।
त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। मस्जिदों और ईदगाहों के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। पुलिस बल लगातार निगरानी में रहा, जिससे कहीं भी कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई और पर्व शांति व सौहार्द के वातावरण में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष श्रीमती लालमुनि यादव, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष अजित लकड़ा, उपाध्यक्ष भूपेंद्र यादव तथा हेमसागर यादव ने जामा मस्जिद पहुंचकर मुस्लिम समुदाय के लोगों को ईद की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह पावन पर्व देश में एकता, भाईचारे और आपसी प्रेम को और मजबूत करता है तथा समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य करता है।

ईद के इस पावन अवसर पर चरचा कॉलरी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि यहां विविधता में एकता की परंपरा आज भी जीवंत है।

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