पशु औषधालय में कलेक्टर का औचक निरीक्षण, टीकाकरण में लापरवाही पर फटकार, चिरमी केंद्र में मची अफरा-तफरी, सभी केंद्रों की जांच के दिए निर्देश


जिला कोरिया।जिले में पशु स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत जानने कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने बुधवार को चिरमी स्थित पशु औषधालय केंद्र का औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर के अचानक पहुंचने से केंद्र में मौजूद कर्मचारियों में हड़कंप मच गया और वे व्यवस्था संभालते नजर आए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पंजी रजिस्टर, दवा वितरण व्यवस्था और अन्य रिकॉर्ड का गहन निरीक्षण किया। रजिस्टर की जांच करते हुए उन्होंने पशुओं के टीकाकरण की प्रगति की जानकारी ली, जिसमें सुस्ती पाए जाने पर उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई और कार्य में तत्काल तेजी लाने के निर्देश दिए।

रजिस्टर से दवाइयों तक हर पहलू की जांच

कलेक्टर ने दवाइयों की उपलब्धता के साथ उनकी एक्सपायरी डेट की भी बारीकी से जांच की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पशुओं के उपचार में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।

सभी औषधालयों के निरीक्षण के निर्देश

उन्होंने जिला पशुधन विकास विभाग की उप संचालक डॉ. विभा बघेल को निर्देशित किया कि जिले के सभी पशु औषधालयों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए, ताकि व्यवस्थाओं में सुधार हो सके और सेवाएं बेहतर ढंग से संचालित हों।

गौधाम और पशु कल्याण कार्यों की समीक्षा

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पशु कल्याण समिति एवं गौधाम समिति के कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने निराश्रित एवं घुमंतू गौवंश के संरक्षण, वैज्ञानिक तरीके से नस्ल सुधार, चारा विकास और पशुधन आधारित आय बढ़ाने के प्रयासों की जानकारी ली।

इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों से यह भी पूछा कि पशु स्वास्थ्य, प्रजनन, पोषण, दुग्ध उत्पादन वृद्धि, कृत्रिम गर्भाधान, कुक्कुट पालन और बकरी पालन जैसी योजनाओं की जानकारी कितने हितग्राहियों तक पहुंचाई गई है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने पर जोर

कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करते हुए पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार लाना प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि लगातार प्रयास कर ग्रामीणों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाया जाए, जिससे पशुधन आधारित आय में वृद्धि हो और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो सके।

कलेक्टर के इस औचक निरीक्षण से जिले के पशु चिकित्सा केंद्रों में कार्यप्रणाली सुधारने की उम्मीद जताई जा रही है।

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