भक्तों ने भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण एवं हनुमान जी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि एवं क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। मंदिरों को आकर्षक फूल-मालाओं एवं रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और मनमोहक हो गया। दिनभर भजन-कीर्तन, रामायण पाठ और धार्मिक आयोजनों की गूंज से चरचा का माहौल आध्यात्मिक रंग में रंगा रहा।
बच्चों, युवाओं एवं महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई और आयोजन को सफल बनाया। दोपहर में गिरिडीह समाज द्वारा विधि-विधान के साथ विशेष पूजा-अर्चना कर मंदिर परिसर में ध्वज स्थापित किया गया। इस दौरान डंके की गूंज, शंखनाद और जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिरस में डूब गया, जिससे माहौल और भी उत्साहपूर्ण हो उठा।
पर्व के अवसर पर जगह-जगह प्रसाद वितरण किया गया, वहीं शाम को भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन के दौरान प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।
रामनवमी के इस भव्य आयोजन ने चरचा कॉलरी में सामाजिक एकता, भाईचारे और धार्मिक आस्था की अनूठी मिसाल पेश की। इस पावन अवसर पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों ने भी विभिन्न मंदिरों में पहुंचकर भगवान श्रीराम के दर्शन किए और क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।
उन्होंने लोगों को रामनवमी की शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलने का संदेश दिया। इस भव्य आयोजन ने यह संदेश दिया कि धार्मिक पर्व न केवल आस्था का प्रतीक हैं, बल्कि समाज को जोड़ने और भाईचारे को मजबूत करने का भी माध्यम हैं।
0 टिप्पणियाँ