जिला कोरिया। चरचा थाना क्षेत्र अंतर्गत 01 मार्च 2026 को आकांक्षा टोप्पो द्वारा अपने फेसबुक एवं यूट्यूब माध्यम से एक वीडियो अपलोड कर थाना चरचा के मर्ग क्रमांक 05/2026 में दर्ज मृतिका के संबंध में भ्रामक एवं तथ्यहीन आरोप लगाए गए। उक्त वीडियो में पुलिस प्रशासन तथा क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि के संबंध में भी आधारहीन बातें कही गईं, जिस पर कोरिया पुलिस ने आधिकारिक रूप से खंडन जारी किया है।
पुलिस के अनुसार, दिनांक 26 फरवरी 2026 को प्रार्थी गोविन्द वर्मा, वार्ड बॉय, जिला चिकित्सालय बैकुंठपुर द्वारा अस्पताली मेमो थाना बैकुंठपुर में प्रस्तुत किया गया था, जिस पर मर्ग क्रमांक 0/26 पंजीबद्ध किया गया। मर्ग डायरी प्राप्त होने के उपरांत प्रकरण थाना चरचा को स्थानांतरित किया गया, जहां मर्ग क्रमांक 05/2026 धारा 194 बीएनएसएस के अंतर्गत कायम कर विधिवत जांच प्रारंभ की गई।
जांच के दौरान पंचगण एवं गवाहों के कथन दर्ज किए गए। मृतिका के पति, पुत्र एवं अन्य परिजनों के बयानों से यह तथ्य सामने आया कि मृतिका अत्यधिक शराब सेवन की आदी थी तथा कई बार अत्यधिक मदिरापान के बाद गिर जाती थी। पुलिस के अनुसार, अब तक की जांच में हत्या अथवा किसी आपराधिक षड्यंत्र के संकेत नहीं मिले हैं।
वायरल वीडियो में यह दावा किया गया कि मृतिका की हत्या कर उसके निजी अंग में शराब की बोतल डाली गई। पुलिस ने इसे पूर्णतः असत्य और मनगढ़ंत बताया है। मर्ग जांच एवं पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक द्वारा ऐसी किसी घटना की पुष्टि नहीं की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर में अल्कोहल की उपस्थिति का उल्लेख करते हुए नियमानुसार विसरा सुरक्षित किया गया है, जिसे एफएसएल परीक्षण हेतु भेजा जाना प्रस्तावित है।
मर्ग पंचनामा के दौरान परिवारजनों की उपस्थिति में शव निरीक्षण किया गया। महिला पंचों द्वारा मृतिका के अंडरगारमेंट के अंदर से 180 एमएल की प्लास्टिक शीशी बरामद किए जाने का उल्लेख किया गया है। पुलिस का कहना है कि प्रकरण की समस्त परिस्थितियों की सूक्ष्म जांच की जा रही है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बिना तथ्यात्मक पुष्टि के भ्रामक वीडियो प्रसारित कर जनसामान्य को गुमराह करने तथा पुलिस की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया है, जिसका पूर्णतः खंडन किया जाता है। प्रकरण की विस्तृत विवेचना डीएसपी बैकुंठपुर द्वारा की जा रही है तथा आगे की कार्रवाई जांच परिणाम के आधार पर की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अपुष्ट अथवा भ्रामक जानकारी को सोशल मीडिया पर साझा करने से बचें। ऐसे मामलों में अफवाहों से कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है तथा जांच की प्रक्रिया भी बाधित होती है।
कोरिया पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रकरण की जांच निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से की जा रही है। एफएसएल रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों पर अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा। यदि जांच के दौरान किसी भी प्रकार के आपराधिक तत्व की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विधि सम्मत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही पुलिस ने यह भी संकेत दिया है कि जानबूझकर झूठी एवं भ्रामक सामग्री प्रसारित कर शांति व्यवस्था भंग करने या प्रशासन की छवि को क्षति पहुंचाने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध आईटी अधिनियम एवं अन्य प्रासंगिक धाराओं के अंतर्गत कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासन ने नागरिकों से संयम बरतने, अफवाहों पर ध्यान न देने तथा किसी भी संदिग्ध जानकारी की पुष्टि के लिए सीधे पुलिस या अधिकृत स्रोतों से संपर्क करने की अपील की है।
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