चरचा काॅलरी। शिवपुर चरचा के विदेशी मदिरा दुकान की बदहाल व्यवस्था अब लोगों के लिए बड़ी चिंता का विषय बनती जा रही है। नगर के विदेशी मदिरा दुकान में जहां एक ओर सस्ते दामों वाली शराब पूरी तरह से गायब है, वहीं दूसरी ओर पिछले लगभग 15 दिनों से बियर का स्टॉक खत्म पड़ा हुआ है। लगातार बनी इस स्थिति से शराब उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी और आक्रोश देखा जा रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि दुकान में 300 रुपए से अधिक कीमत वाले क्वार्टर ही उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय शराब उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। कम कीमत की शराब उपलब्ध नहीं होने से कई लोग मजबूरी में कच्ची महुआ शराब की ओर रुख करने लगे हैं। नगरवासियों का कहना है कि जब शासन की अधिकृत दुकान में सामान्य दरों पर शराब उपलब्ध नहीं होगी, तब लोग अवैध और जहरीली शराब पीने को मजबूर होंगे।
स्थिति की गंभीरता इस बात से समझी जा सकती है कि क्षेत्र में पहले भी कच्ची महुआ शराब पीने से कई लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद आवकारी विभाग अवैध शराब के बढ़ते खतरे को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहा है। लोगों का कहना है कि विदेशी शराब की कमी और बढ़ती कीमतों ने अवैध महुआ शराब कारोबारियों को फिर सक्रिय कर दिया है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
इधर चरचा विदेशी मदिरा दुकान में शराब में मिलावट की शिकायतें भी लगातार सामने आती रही हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि चाहे महंगी शराब हो या सस्ती, दुकानदारों द्वारा मिलावटी शराब बेचे जाने की चर्चा लंबे समय से होती रही है। कई लोगों ने शराब की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि दुकान से खरीदी गई शराब पीने के बाद स्वास्थ्य खराब होने जैसी शिकायतें भी सामने आती रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाए हैं।
नगरवासियों ने आरोप लगाया कि आवकारी विभाग की उदासीनता और शासन की कमजोर निगरानी के कारण स्थिति दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। एक ओर अधिकृत दुकान में शराब का अभाव है, दूसरी ओर अवैध और जहरीली महुआ शराब का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो क्षेत्र में फिर से जहरीली शराब से जनहानि जैसी घटनाएं सामने आ सकती हैं।
स्थानीय नागरिकों ने शासन और आवकारी विभाग से मांग की है कि विदेशी मदिरा दुकान में तत्काल पर्याप्त मात्रा में सस्ती शराब और बियर उपलब्ध कराई जाए, शराब में मिलावट की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए तथा अवैध महुआ शराब के कारोबार पर तत्काल रोक लगाई जाए। पूरे मामले ने एक बार फिर आवकारी विभाग की कार्यप्रणाली और शासन की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नगर के जागरूक नागरिकों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि विदेशी मदिरा दुकान की लगातार बिगड़ती व्यवस्था केवल उपभोक्ताओं की परेशानी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कानून व्यवस्था और जनस्वास्थ्य दोनों के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है। लोगों का आरोप है कि दुकान में नियमित रूप से शराब उपलब्ध नहीं होने और कीमतों में असंतुलन के कारण अवैध शराब कारोबारियों को खुला अवसर मिल रहा है। यही वजह है कि क्षेत्र में फिर से कच्ची महुआ शराब का चलन तेजी से बढ़ने लगा है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि कई बार शिकायतों के बावजूद आवकारी विभाग के अधिकारी केवल औपचारिक कार्रवाई कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल देते हैं। न तो दुकान की नियमित जांच होती है और न ही स्टॉक की सही मॉनिटरिंग की जाती है। इससे दुकानदारों के हौसले बुलंद हैं और उपभोक्ताओं को मजबूरी में महंगी या संदिग्ध गुणवत्ता वाली शराब खरीदनी पड़ रही है।
नगरवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि विदेशी मदिरा दुकान में अक्सर शराब की उपलब्धता को लेकर पारदर्शिता नहीं रहती। कई बार उपभोक्ताओं को यह कहकर लौटा दिया जाता है कि स्टॉक खत्म हो गया है, जबकि अंदरखाने मनमाने तरीके से शराब बेचे जाने की चर्चाएं भी सामने आती रही हैं। इससे शासन की राजस्व व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
क्षेत्र के लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तथा विदेशी मदिरा दुकान के संचालन, स्टॉक व्यवस्था और शराब की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच हो। साथ ही अवैध महुआ शराब बनाने और बेचने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी जनहानि को रोका जा सके।
नगर में लगातार बढ़ रहे आक्रोश को देखते हुए अब लोगों की नजर जिला प्रशासन और आवकारी विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी तो आने वाले दिनों में जनआंदोलन की स्थिति भी बन सकती है।
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