अखंड सौभाग्य और पति की लंबी आयु की कामना के साथ सुहागिन महिलाओं ने रखा वट सावित्री व्रत, नेपाल गेट और ऑफिसर कॉलोनी स्थित वट वृक्षों में उमड़ी श्रद्धालु महिलाओं की भीड़, पूरे विधि-विधान से की पूजा-अर्चना

चरचा काॅलरी। सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखने वाला वट सावित्री व्रत शनिवार 16 मई 2026 को ज्येष्ठ अमावस्या के अवसर पर पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। चरचा काॅलरी क्षेत्र में नेपाल गेट मुख्य मार्ग एवं ऑफिसर कॉलोनी स्थित वट वृक्षों के नीचे सुबह से ही पूजा-अर्चना के लिए महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी। सोलह श्रृंगार से सजी सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना करते हुए वट वृक्ष की पूजा की।

धार्मिक मान्यता के अनुसार वट सावित्री व्रत पति-पत्नी के अटूट प्रेम, समर्पण और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। इसी आस्था के साथ महिलाओं ने व्रत रखकर बरगद के पेड़ की विधिवत पूजा की तथा वट वृक्ष के चारों ओर कच्चा सूत लपेटकर परिक्रमा की। पूजा के दौरान महिलाओं ने सत्यवान-सावित्री की कथा का श्रवण एवं पाठ भी किया।

पूजन के दौरान कई स्थानों पर महिलाओं ने एक-दूसरे को पूजा में उपयोग किए जाने वाले पंखे से खोइछा देने की परंपरा निभाई तथा सिंदूर दान भी किया। इसके बाद महिलाओं ने अपने परिवार के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया। पूरे क्षेत्र में धार्मिक वातावरण और भक्ति का माहौल देखने को मिला।
वट सावित्री व्रत को हिंदू धर्म में सुख, समृद्धि और अखंड सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। चरचा काॅलरी क्षेत्र में इस पर्व को लेकर महिलाओं में विशेष उत्साह नजर आया। महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर परिवार की खुशहाली और पति की लंबी आयु की कामना की।

पूजा स्थलों पर सुबह से ही महिलाओं का आना-जाना लगा रहा। पारंपरिक परिधानों और सोलह श्रृंगार में सजी महिलाओं ने भक्ति भाव के साथ पूजा संपन्न की। कई महिलाओं ने निर्जला व्रत रखकर परिवार की सुख-शांति और वैवाहिक जीवन की मंगलकामना की। वट वृक्ष के नीचे महिलाओं द्वारा गाए गए पारंपरिक मंगल गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

स्थानीय बुजुर्ग महिलाओं ने युवा पीढ़ी को वट सावित्री व्रत की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि माता सावित्री ने अपने तप, त्याग और दृढ़ संकल्प से अपने पति सत्यवान के प्राण यमराज से वापस प्राप्त किए थे, तभी से यह व्रत अखंड सौभाग्य और पति की लंबी आयु के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।

चरचा काॅलरी क्षेत्र में वट सावित्री व्रत को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा कर परिवार की खुशहाली, सुख-समृद्धि और पति की लंबी आयु की कामना की। पूरे दिन धार्मिक गतिविधियों और पूजा-अर्चना का माहौल बना रहा।

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