मनेंद्रगढ़ में कुटुम्ब न्यायालय भवन और न्यायिक आवासीय कॉलोनी का लोकार्पण, मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा ने दी आधुनिक न्यायिक सुविधाओं की सौगात,वर्चुअल माध्यम से हुआ भूमिपूजन एवं शिलान्यास, न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने पर दिया गया जोर

जिला कोरिया। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा ने शुक्रवार को मनेंद्रगढ़ स्थित सिविल कोर्ट परिसर में कुटुम्ब न्यायालय के नवीन भवन तथा जनकपुर में न्यायिक कर्मचारियों के लिए निर्मित होने वाली आवासीय कॉलोनी का वर्चुअल माध्यम से भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर न्यायपालिका से जुड़े अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के सभी न्यायिक जिलों को सुदृढ़ अधोसंरचना एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि न्यायिक व्यवस्था को प्रभावी और सुचारु बनाने के लिए आधुनिक भवन, सर्वसुविधायुक्त कार्यालय तथा कर्मचारियों के लिए बेहतर आवासीय सुविधाएं अत्यंत आवश्यक हैं। इन सुविधाओं का सीधा लाभ न्यायपालिका से जुड़े हितधारकों के साथ आम जनता को मिलने वाले न्याय पर पड़ेगा। मुख्य न्यायाधिपति ने निर्माण कार्यों को गुणवत्ता पूर्ण तरीके से निर्धारित समय सीमा में पूरा करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि न्याय वितरण प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए बुनियादी ढांचे का सशक्त होना आवश्यक है। उन्होंने मनेंद्रगढ़ में बनने वाले कुटुम्ब न्यायालय भवन और जनकपुर स्थित कर्मचारी आवासों को न्यायिक क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं पोर्टफोलियो जज न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू भी वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश बैकुंठपुर द्वारा स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया गया, वहीं प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय मनेंद्रगढ़ द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम का संचालन न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी बैकुंठपुर द्वारा किया गया। समारोह में कलेक्टर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, अनुविभागीय दंडाधिकारी, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता, जिला अधिवक्ता संघ मनेंद्रगढ़ एवं बैकुंठपुर के पदाधिकारी, अधिवक्तागण, न्यायिक कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान न्यायिक अधोसंरचना के विस्तार को लेकर विस्तृत जानकारी भी साझा की गई।बताया गया कि नवीन कुटुम्ब न्यायालय भवन के निर्माण से पारिवारिक मामलों के त्वरित एवं व्यवस्थित निराकरण में सहायता मिलेगी, वहीं जनकपुर में बनने वाली आवासीय कॉलोनी से न्यायिक कर्मचारियों को बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध होगी। इससे न्यायिक कार्यों के संचालन में और अधिक दक्षता आएगी। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने कहा कि न्यायपालिका केवल न्याय देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में विश्वास और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने वाली संस्था है। ऐसे में न्यायालयों की आधारभूत सुविधाओं को विकसित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राज्य में न्यायिक सेवाओं को तकनीकी रूप से भी सशक्त किया जा रहा है ताकि आम नागरिकों को शीघ्र और पारदर्शी न्याय मिल सके।कार्यक्रम में उपस्थित अधिवक्ताओं एवं न्यायिक अधिकारियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि नए भवन और आवासीय सुविधाओं से न्यायिक कार्य संस्कृति को मजबूती मिलेगी। साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों को भी बेहतर वातावरण उपलब्ध हो सकेगा। समारोह के अंत में अतिथियों ने न्यायिक व्यवस्था को और अधिक जनहितैषी एवं सुलभ बनाने के संकल्प को दोहराया। कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।

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