जिला कोरिया। आज के समय में जहां लोग अपनी जमीन का छोटा-सा हिस्सा छोड़ने से भी कतराते हैं, वहीं कोरिया जिले के ग्राम करहियाखांड निवासी 73 वर्षीय बुजुर्ग मोहम्मद शफीक खान ने समाज के सामने मानवता, संवेदनशीलता और सेवा की अनूठी मिसाल पेश की है। एसईसीएल से सेवानिवृत्त श्री खान ने नन्हे बच्चों के बेहतर भविष्य और शिक्षा के लिए अपनी निजी भूमि में से 5 डिसमिल जमीन आंगनबाड़ी भवन निर्माण हेतु दान कर दी।
इस प्रेरणादायी पहल की जानकारी मिलते ही जिला कलेक्टर रोक्तिमा यादव स्वयं श्री खान से मिलने उनके घर पहुंचीं। उन्होंने मोहम्मद शफीक खान के इस सराहनीय निर्णय की प्रशंसा करते हुए कहा कि समाज में ऐसे संवेदनशील लोग ही बदलाव की असली ताकत होते हैं। उनका यह कदम आने वाली पीढ़ियों को समाज सेवा और परोपकार की सीख देगा।
मोहम्मद शफीक खान ने बताया कि उनके मोहल्ले में आंगनबाड़ी केंद्र के लिए उपयुक्त शासकीय भूमि उपलब्ध नहीं थी। बच्चों की परेशानी और उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपनी निजी जमीन दान करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि आसपास खेलते छोटे-छोटे बच्चों को देखकर उन्हें महसूस हुआ कि यदि बचपन से ही उन्हें शिक्षा, संस्कार और सुरक्षित वातावरण मिले, तो उनका भविष्य उज्ज्वल हो सकता है। इसी सोच ने उन्हें यह कदम उठाने के लिए प्रेरित किया।
मुलाकात के दौरान श्री खान की चार नन्हीं पोतियां भी मौजूद थीं। कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने बच्चों से आत्मीय बातचीत की। जब बच्चों ने तुतलाती आवाज में “मछली जल की रानी है...” कविता सुनाई, तो वहां मौजूद सभी लोग भावुक हो उठे और माहौल स्नेह एवं अपनत्व से भर गया।
कलेक्टर ने कहा कि समाज सेवा केवल बड़े संसाधनों से नहीं, बल्कि बड़े दिल और सकारात्मक सोच से की जाती है। मोहम्मद शफीक खान का यह त्याग न केवल बच्चों के सपनों को नई दिशा देगा, बल्कि समाज में सहयोग और संवेदनशीलता की भावना को भी मजबूत करेगा।
श्री खान के इस सराहनीय कार्य की गांव सहित पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही है। लोग इसे केवल जमीन दान नहीं, बल्कि बच्चों के सुनहरे भविष्य की नींव रखने वाला भावनात्मक और प्रेरणादायी कदम मान रहे हैं।
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