जिला कोरिया। ग्राम पंचायत सरडी के नावापारा में आगामी 7 मई से संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए आयोजन समिति द्वारा विशेष व्यवस्था की गई है, जिसके तहत प्रतिदिन कार्यक्रम की शुरुआत शाम के समय होगी, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु सहजता से भाग ले सकें।
आयोजन की शुरुआत 7 मई को शाम 4 बजे भव्य कलश यात्रा के साथ होगी। गांव की गलियों में श्रद्धा और भक्ति के माहौल के बीच महिलाएं सिर पर कलश धारण कर यात्रा में शामिल होंगी, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो जाएगा। इसके पश्चात शाम 5 बजे से श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया जाएगा।
यह आध्यात्मिक आयोजन 7 मई से 13 मई तक निरंतर चलेगा, जिसमें प्रतिदिन कथा का रसपान श्रद्धालुओं को कराया जाएगा। कथा वाचन के लिए वृंदावन धाम से पधारे प्रसिद्ध कथा व्यास संत ज्ञानेश्वर दास जी महाराज अपनी मधुर वाणी में भागवत महापुराण का वर्णन करेंगे। संत ज्ञानेश्वर दास जी, पूज्य बिहार दास महाराज के शिष्य हैं और अपनी ओजस्वी वाणी एवं सरल व्याख्या के लिए जाने जाते हैं।
आयोजन को सफल बनाने में ग्राम पंचायत सरडी के नावापारा की पंच श्रीमती कुसुमलता राजवाड़े, संतोष राजवाड़े सहित समस्त ग्रामवासियों का सराहनीय सहयोग मिल रहा है। आयोजन समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा का श्रवण करने और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने की अपील की है।
इस आयोजन से पूरे क्षेत्र में भक्ति, श्रद्धा और सामाजिक एकता का वातावरण निर्मित होने की उम्मीद जताई जा रही है।
आयोजन समिति ने कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, बैठने की व्यवस्था एवं छाया की विशेष तैयारी की है। गर्मी को देखते हुए शाम के समय कथा आयोजन रखने का निर्णय ग्रामीणों के लिए राहत भरा साबित हो रहा है। वहीं सुरक्षा एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्वयंसेवकों की टीम भी तैनात की जा रही है, जो पूरे कार्यक्रम के दौरान व्यवस्था संभालेंगे।
कथा के दौरान प्रतिदिन भजन-कीर्तन और संगीतमय प्रस्तुतियों से वातावरण भक्तिमय बना रहेगा। संत ज्ञानेश्वर दास जी महाराज द्वारा भागवत कथा के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से जीवन के आध्यात्मिक, नैतिक और सामाजिक संदेशों को सरल भाषा में प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे युवा वर्ग भी धर्म और संस्कृति से जुड़ सके।
ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से जहां एक ओर मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा मिलती है, वहीं दूसरी ओर सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे को भी बढ़ावा मिलता है। आयोजन को लेकर गांव में उत्साह का माहौल है और तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं।
समापन दिवस 13 मई को विशेष पूजा-अर्चना, हवन एवं प्रसादी वितरण के साथ कार्यक्रम का भव्य समापन किया जाएगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। आयोजन समिति ने सभी क्षेत्रवासियों से समय पर पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।
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