सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में गूंजा सनातन गौरव, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले – प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की संस्कृति को मिला नया सम्मान

जिला कोरिया सहित पूरे छत्तीसगढ़ में सोमवार को “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” श्रद्धा, आस्था और सांस्कृतिक गौरव के साथ मनाया गया। राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने गुजरात स्थित ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर से वर्चुअल माध्यम से जुड़े प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई पूजा-अर्चना का अवलोकन किया और उनका संबोधन सुना।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में सोमनाथ मंदिर के गौरवशाली इतिहास, विदेशी आक्रांताओं द्वारा किए गए हमलों तथा मंदिर के पुनर्निर्माण की ऐतिहासिक यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की आस्था और सांस्कृतिक चेतना को कभी समाप्त नहीं किया जा सका। उन्होंने देशभर के धार्मिक एवं आध्यात्मिक केंद्रों के संरक्षण और विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी।
इधर कोरिया जिले में “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” के अंतर्गत जिला स्तरीय आयोजन प्रेमाशंकर महादेव मंदिर परिसर में देवरहा बाबा समिति के समन्वय से आयोजित किया गया। सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक चले इस आयोजन में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों एवं श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर धर्म और संस्कृति के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। कार्यक्रम के दौरान धार्मिक सत्संग का आयोजन भी किया गया तथा श्रद्धालु वर्चुअल माध्यम से राज्य स्तरीय कार्यक्रम से जुड़े रहे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारतीय स्वाभिमान, संस्कृति और सनातन परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इतिहास में कई बार बाहरी आक्रांताओं ने मंदिर को ध्वस्त करने का प्रयास किया, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था और त्याग ने सनातन संस्कृति को जीवित रखा। उन्होंने बताया कि पहले आक्रमण के समय मंदिर के पुजारियों और श्रद्धालुओं ने मंदिर छोड़ने के बजाय अपने प्राणों की आहुति दी थी, जो भारतीय इतिहास में अद्वितीय उदाहरण माना जाता है।

मुख्यमंत्री ने देश के प्रथम गृह मंत्री वल्लभभाई पटेल को याद करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के बाद उन्होंने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था। साथ ही उन्होंने भारत के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि विरोधों के बावजूद उन्होंने मंदिर के लोकार्पण कार्यक्रम में भाग लेकर सनातन परंपरा के सम्मान को नई दिशा दी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि आज काशी विश्वनाथ मंदिर, महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग तथा सोमनाथ मंदिर सहित देशभर के प्रमुख धार्मिक स्थलों का तेजी से विकास किया जा रहा है।

जिला स्तरीय आयोजन में नगर पालिका परिषद बैकुण्ठपुर की अध्यक्ष नविता शिवहरे, जिला पंचायत उपाध्यक्ष वंदना राजवाड़े, नगर पंचायत पटना की अध्यक्ष गायत्री सिंह, बैकुंठपुर एसडीएम उमेश पटेल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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