सपनों को मिला कलेक्टर का साथ, 'सपनों के पथिक-15' से कोरिया में शुरू हुई नई पहल, पहली बार विद्यार्थियों के लिए खुले कलेक्टर निवास के द्वार, 15 मेधावी छात्रों ने साझा किए अपने सपने

जिला कोरिया। जिले के मेधावी विद्यार्थियों को उनके सपनों की उड़ान देने और उन्हें प्रशासन से सीधे जोड़ने की अभिनव पहल के तहत कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने शनिवार को 'सपनों के पथिक-15' (Dreamers-15) कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यह पहल केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवा प्रतिभाओं को प्रेरित करने, उनका आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें जीवन में बड़े लक्ष्य तय करने के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस पहल की सबसे खास बात यह रही कि पहली बार कोरिया कलेक्टर निवास के दरवाजे विद्यार्थियों के लिए खोले गए। यहां सरकारी औपचारिकताओं की जगह आत्मीयता, संवाद और प्रेरणा का माहौल देखने को मिला। आकांक्षी विकासखंड बैकुंठपुर के सहयोग से जिले के 15 प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं ने कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव से खुलकर बातचीत की और अपने सपनों, करियर, संघर्ष, जिज्ञासाओं तथा भविष्य की योजनाओं को साझा किया।
कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने विद्यार्थियों से कहा कि "हर सपना अनमोल होता है। उसे साकार करने के लिए सही मार्गदर्शन, कठिन परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास जरूरी है। चुनौतियां सफलता की राह में बाधा नहीं, बल्कि आगे बढ़ने की प्रेरणा होती हैं।"
उन्होंने विद्यार्थियों को बड़ी सोच रखने, निरंतर सीखते रहने और समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि नेतृत्व क्षमता, सकारात्मक सोच और सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना भी है।
संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने प्रशासनिक सेवाओं, उच्च शिक्षा, तकनीकी क्षेत्र, नवाचार, समय प्रबंधन और व्यक्तित्व विकास से जुड़े कई सवाल पूछे। कलेक्टर ने अपने अनुभव साझा करते हुए उन्हें लक्ष्य निर्धारित करने, निरंतर प्रयास करने और असफलताओं से सीख लेकर आगे बढ़ने की सीख दी। आत्मीय माहौल में हुई इस चर्चा ने विद्यार्थियों के भीतर नया उत्साह और आत्मविश्वास पैदा किया।
कलेक्टर ने बताया कि 'सपनों के पथिक-15' पहल का उद्देश्य शिक्षा को कक्षा की सीमाओं से बाहर निकालकर विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन के अनुभवों से जोड़ना है। इसके माध्यम से प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को प्रशासन से सीधे संवाद का अवसर मिलेगा, जिससे उनमें नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित होगी।

कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि यदि प्रतिभाओं को सही मार्गदर्शन, अवसर और सकारात्मक वातावरण मिले तो उनके सपने न केवल उनके अपने भविष्य को संवार सकते हैं, बल्कि समाज और देश के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कोरिया जिले में शुरू हुई यह पहल आने वाले समय में विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का एक नया अध्याय साबित हो सकती है।

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