घर में घुसकर महिला से दुष्कर्म, 8 वर्षीय नातिन का अपहरण; चरचा पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार



कोरिया। चरचा थाना पुलिस ने घर में घुसकर महिला से दुष्कर्म करने और उसकी 8 वर्षीय नातिन का अपहरण करने वाले आरोपी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई, वैज्ञानिक साक्ष्यों, मुखबिर की सूचना और शिनाख्ती परेड के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।

पुलिस के अनुसार 6 जुलाई 2026 को थाना चरचा में एक 55 वर्षीय महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 5 जुलाई की रात करीब 2 बजे एक अज्ञात व्यक्ति जबरन उसके घर में घुस आया। आरोपी ने महिला के साथ दुष्कर्म किया और विरोध करने पर मारपीट करते हुए धमकी दी कि यदि शोर मचाया तो उसकी 8 वर्षीय नातिन के साथ भी दुष्कर्म करेगा। इसके बाद आरोपी ने बच्ची का मुंह दबाकर उसे जबरन घर से उठाकर ले गया।

घटना की सूचना मिलते ही चरचा पुलिस ने अपराध क्रमांक 101/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) एवं पॉक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर चारों ओर नाकेबंदी की। पुलिस की सक्रियता के चलते आरोपी नाबालिग बच्ची को रास्ते में छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने बच्ची को सकुशल बरामद कर परिजनों के सुपुर्द किया।

जांच के दौरान घटनास्थल से मिले जूते-चप्पल के निशान, आसपास के लोगों से पूछताछ और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस का संदेह ग्राम तिलवनडाड़ निवासी विजय सिंह उर्फ पप्पू (28 वर्ष) पर गया। प्रार्थी और पीड़िता द्वारा आरोपी की पहचान किए जाने के बाद तहसीलदार बैकुंठपुर की उपस्थिति में शिनाख्ती परेड कराई गई, जिसमें दोनों ने आरोपी की पहचान की। पूछताछ के दौरान आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर घटना के समय पहने गए कपड़े और चप्पल भी बरामद किए गए।

पुलिस ने आरोपी विजय सिंह उर्फ पप्पू, पिता सुमेन सिंह, निवासी ग्राम तिलवनडाड़ को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है।

यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक हर्षित राठौर के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. सुरेशा चौबे तथा एसडीओपी आशा सेन के मार्गदर्शन में चरचा थाना प्रभारी उप निरीक्षक आनंद सोनी के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई में उप निरीक्षक अनिल सोनवानी, प्रधान आरक्षक अमित त्रिपाठी, बृजेश कुमार सिंह, शशी भूषण, आरक्षक प्रेमलाल साहू, भोला राम जगत, प्रदीप श्याम, सैनिक विकास सिंह, राजेश कुमार, रविदास तथा साइबर सेल के प्रधान आरक्षक अरविंद कौल और आरक्षक अमरेशानंद की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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