एक आह्वान और हरियाली की मिसाल: कोरिया में एक दिन में लगे 20 हजार पौधे, 'मोर गांव–मोर पानी' अभियान बना जनआंदोलन, हजारों महिलाओं ने पौधरोपण कर संरक्षण का लिया संकल्प

जिला कोरिया। पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन की दिशा में कोरिया जिले ने एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है। 'मोर गांव–मोर पानी' महाअभियान के तहत कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव के एक आह्वान पर जिले की हजारों महिलाओं ने एक ही दिन में 20 हजार पौधों का रोपण कर हरियाली का नया अध्याय लिख दिया। खास बात यह रही कि यह अभियान बिना किसी दिखावे के जनभागीदारी के दम पर सफल हुआ और महिलाओं ने पौधों की देखभाल का भी संकल्प लिया।

अभियान की शुरुआत ग्राम पंचायत किशोरी से हुई, जहां स्कूली बच्चों ने चार हेक्टेयर भूमि पर एक हजार फलदार पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके बाद जिले के विभिन्न गांवों में स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने बड़े उत्साह के साथ पौधरोपण अभियान को आगे बढ़ाया।
नारी शक्ति बनी बदलाव की ताकत

कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव के आह्वान पर स्व-सहायता समूहों की हजारों महिलाओं ने अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लिया। महिलाओं ने केवल पौधे ही नहीं लगाए, बल्कि उनकी सुरक्षा और संरक्षण का भी संकल्प लिया। आने वाले वर्षों में यही फलदार और छायादार पौधे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण परिवारों के लिए पोषण और अतिरिक्त आय का स्रोत भी बनेंगे।

'कैच द रेन' अभियान से जुड़ा प्रयास

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी योगेंद्र श्रीवास ने बताया कि भूजल स्तर बढ़ाने और वर्षा जल संरक्षण के लिए वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से 'कैच द रेन' अभियान के तहत जिलेभर में पौधरोपण को जनआंदोलन का रूप दिया गया। उन्होंने बताया कि समूहों से जुड़ी महिलाओं ने सार्वजनिक स्थलों के साथ-साथ अपनी निजी भूमि पर भी पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
सोशल मीडिया से फैलाया हरियाली का संदेश

डिजिटल युग में महिलाओं ने तकनीक का भी बेहतर उपयोग किया। पौधरोपण के बाद उन्होंने अपने पौधों के साथ सेल्फी और तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं और अन्य लोगों को भी इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। इससे अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिला और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दूर-दूर तक पहुंचा।

"जल और वृक्ष भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी"

कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने कहा कि जल और वृक्ष मानव जीवन के आधार हैं। यदि आज इनका संरक्षण नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ियों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील करते हुए कहा कि जनभागीदारी से ही पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य सफल हो सकता है।

कोरिया जिले में एक दिन में 20 हजार पौधों का रोपण यह साबित करता है कि यदि समाज एकजुट होकर संकल्प ले, तो पर्यावरण संरक्षण जैसे बड़े लक्ष्य भी आसानी से हासिल किए जा सकते हैं। यह अभियान अब जिले में हरियाली, जल संरक्षण और जनसहभागिता की नई पहचान बनता जा रहा है।

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