जिला कोरिया। ग्राम पंचायत सोनहत के पंचायत भवन में बैठक के दौरान महिला सरपंच के साथ कथित रूप से जातिसूचक टिप्पणी, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के मामले में सोनहत पुलिस ने एक आरोपी अधिवक्ता को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। मामले में एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार, 30 जून 2026 को दोपहर लगभग 2:45 बजे पंचायत भवन सोनहत में पंच, सरपंच एवं सचिव की उपस्थिति में बैठक चल रही थी। इसी दौरान जयकरन साहू वहां पहुंचा और अपने निजी बोर के भुगतान की मांग करने लगा। महिला सरपंच द्वारा पंचायत की स्वीकृति के बिना भुगतान नहीं किए जाने की बात कहने पर आरोपी ने कथित रूप से सरपंच की अनुसूचित जनजाति पहचान को जानते हुए जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया, अश्लील गाली-गलौज की तथा मारपीट की धमकी देकर वहां से चला गया।
कुछ समय बाद उसका भतीजा राजेंद्र प्रसाद साहू, जो पेशे से अधिवक्ता बताया गया है, पंचायत भवन पहुंचा और सरपंच, सचिव तथा अन्य पंचों के साथ भी अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए कथित रूप से "नौगई जैसी घटना" कर जिंदा जलाकर जान से मारने की धमकी दी।
पीड़िता की लिखित शिकायत पर थाना सोनहत में अपराध क्रमांक 72/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 351(3) तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(r), 3(1)(s) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री रवि कुमार कुर्रे एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती सुरेशा चौबे के निर्देशन तथा उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय बैकुण्ठपुर श्रीमती आशा सेन एवं थाना प्रभारी निरीक्षक विनोद पासवान के नेतृत्व में पुलिस टीम ने साइबर सेल की सहायता से मोबाइल लोकेशन के आधार पर घेराबंदी कर आरोपी राजेंद्र प्रसाद साहू (50 वर्ष), निवासी ग्राम सोनहत को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी को माननीय विशेष न्यायालय बैकुण्ठपुर में पेश किया गया, जहां से जेल वारंट जारी होने पर उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि मामले के दूसरे आरोपी की तलाश जारी है और उसे भी शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा।
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