जिला कोरिया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार शनिवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय, बैकुंठपुर में चेक बाउंस के प्रकरणों के निराकरण हेतु विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। "ना किसी की जीत, ना किसी की हार, यही लोक अदालत का उपहार" की भावना के साथ आयोजित इस विशेष लोक अदालत में आपसी सहमति और समझौते के माध्यम से मामलों का त्वरित समाधान किया गया।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के मार्गदर्शन में आयोजित इस विशेष लोक अदालत के लिए बैकुंठपुर, मनेन्द्रगढ़, चिरमिरी एवं जनकपुर के सिविल न्यायालयों में कुल 6 खंडपीठों का गठन किया गया। लोक अदालत में सुनवाई के लिए न्यायालयों में लंबित 202 चेक बाउंस प्रकरणों को चिन्हित किया गया था।
सुनवाई के दौरान पक्षकारों की आपसी सहमति एवं राजीनामे के आधार पर 17 चेक बाउंस प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। इन मामलों में कुल 37 लाख 95 हजार 366 रुपये की चेक राशि का आपसी समझौते के माध्यम से सेटलमेंट कराया गया।
विशेष लोक अदालत का उद्देश्य न्यायालयों में लंबित मामलों का शीघ्र, सरल एवं सौहार्दपूर्ण समाधान कराना है, जिससे पक्षकारों को समय और धन दोनों की बचत हो सके। न्यायिक अधिकारियों ने भी अधिक से अधिक लोगों से लोक अदालत की व्यवस्था का लाभ उठाकर आपसी समझौते के माध्यम से विवादों का निराकरण कराने की अपील की।
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