विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत दावा–आपत्ति प्रक्रिया तेज, 14 फरवरी 2026 तक सभी प्रकरणों की होगी सुनवाई, मतदाता सूची शुद्धिकरण पर जोर


जिला कोरिया।भारत निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026) के अंतर्गत जिले में फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन 23 दिसंबर 2025 को किया जा चुका है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़, रायपुर के निर्देशानुसार यह संपूर्ण प्रक्रिया आयोग द्वारा निर्धारित समय-सारणी के अनुसार पारदर्शी ढंग से संचालित की जा रही है।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 23 दिसंबर 2025 से 14 फरवरी 2026 तक प्राप्त होने वाली सभी दावा–आपत्तियों का निराकरण किया जाएगा। इसके साथ ही विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान जिन मतदाताओं की फैमिली लिंकिज नहीं पाई गई है, उन्हें नोटिस जारी कर तामीली के पश्चात सुनवाई की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
जिले में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अधिसूचित

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जिले के लिए निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) अधिसूचित किए गए हैं। दावा–आपत्ति एवं नोटिस निराकरण के लिए जिले के विभिन्न मतदान केन्द्रों एवं कार्यालयों में सुनवाई स्थल निर्धारित किए गए हैं।

निर्धारित सुनवाई स्थल इस प्रकार हैं—

अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय, बैकुण्ठपुर तहसील कार्यालय बैकुण्ठपुर, तहसील कार्यालय पोड़ी–बचरा, तहसील कार्यालय सोनहत, नगर पंचायत पटना, नगरपालिका बैकुण्ठपुर, नगरपालिका शिवपुर–चरचा, मतदान केन्द्रवार अधिकारियों की जिम्मेदारी तय निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी डॉ. उमेश कुमार पटेल को मतदान केन्द्र क्रमांक 112 से 116 तथा 93 से 97 (कार्यालय – एसडीएम राजस्व बैकुण्ठपुर) का प्रभार सौंपा गया है।

इसी प्रकार डॉ. अमृता सिंह मतदान केन्द्र 119, 217 से 128 तथा 140 से 188, कार्यालय तहसील बैकुण्ठपुर,  प्रतीक जायसवाल मतदान केन्द्र 35 से 106 एवं 120, कार्यालय नगर पंचायत पटना, मुखदेव यादव मतदान केन्द्र 189 से 234, कार्यालय तहसील पोड़ी–बचरा, संजय दुबे मतदान केन्द्र 107 से 118, 129 से 139, कार्यालय नगर पालिका बैकुण्ठपुर, वशिष्ठ कुमार ओझा मतदान केन्द्र 1 से 34, कार्यालय नगरपालिका शिवपुर–चरचा, संजय कुमार राठौर मतदान केन्द्र 137 से 218, कार्यालय तहसील सोनहत है।

बीएलओ को नोटिस तामीली और प्रचार के निर्देश

निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित क्षेत्रों के बीएलओ बूथ लेवल ऑफिसर के माध्यम से मतदाताओं को नोटिस की तामीली सुनिश्चित की जाए। साथ ही सुनवाई स्थलों एवं तिथियों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि मतदाता समय पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित हो सकें।

13 वैध दस्तावेजों के आधार पर होगा सत्यापन

आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयु, पहचान एवं निर्धारित 13 प्रकार के वैध दस्तावेजों के आधार पर मतदाता सत्यापन किया जाएगा। मतदाता पंजीयन, नाम विलोपन या संशोधन का अंतिम निर्णय निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा लिया जाएगा।

अपील का भी है प्रावधान

निर्णय से असंतुष्ट मतदाता लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 24 के तहत प्रथम अपील जिला निर्वाचन अधिकारी, द्वितीय अपील मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।

समय-सीमा में अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन के निर्देश

प्रत्येक नोटिस जारी होने के बाद न्यूनतम सात दिवस पश्चात ही सुनवाई की जाएगी। सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि आयोग द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर समस्त सुनवाई पूर्ण कर अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन सुनिश्चित किया जाए।

यह विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया और अधिक मजबूत हो 

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