खदान दुर्घटना में श्रमिक की मौत पर अपराध कायम, लापरवाही पर तीन अधिकारियों के विरुद्ध अपराध दर्ज



चरचा कॉलरी।थाना चरचा क्षेत्र अंतर्गत खदान में हुई दर्दनाक दुर्घटना के मामले में पुलिस ने जांच पूर्ण कर लापरवाही पाए जाने पर तीन जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किया है।

थाना चरचा में पदस्थ उप निरीक्षक द्वारा मर्ग क्रमांक 22/2025 धारा 194 बीएनएसएस के अंतर्गत मामले की जांच की गई। जांच के दौरान मृतक डिगेश्वर सिंह पिता शोभित सिंह, उम्र 32 वर्ष निवासी बरबसपुर के शव का पंचनामा उपरांत पोस्टमार्टम कराया गया था।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा

पीएम रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि मृतक की खदान के अंदर दुर्घटना से गंभीर चोट लगने के कारण मृत्यु हुई है।

जांच में सामने आई गंभीर लापरवाही

जांच के दौरान मृतक के परिजनों एवं गवाहों के कथन लिए गए। साथ ही डायरेक्टरेट जनरल ऑफ माइंस सेफ्टी की रिपोर्ट प्राप्त की गई, जिसमें दुर्घटना का मुख्य कारण लापरवाहीपूर्वक कार्यवाही बताया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार दुर्घटना के समय एसईसीएल प्रबंधन द्वारा
ओवरमैन माइनिंग सरदार  मिथिलेश कुमार पंजियारा, शिवमूरत चर्मकर, जेएमएस कंपनी के सुपरवाइजर मनीष कुमार की ड्यूटी लगाई गई थी।

जांच में पाया गया कि मौके पर टी.वी. मशीन ब्रेकडाउन होने के बावजूद सुरक्षा के समुचित इंतजाम नहीं किए गए और लापरवाहीपूर्वक कार्य कराया गया, जिसके कारण यह गंभीर दुर्घटना घटी और श्रमिक डिगेश्वर सिंह की मौके पर ही मृत्यु हो गई।

 अपराध दर्ज

उक्त लापरवाही को गंभीर अपराध मानते हुए थाना चरचा में आरोपियों के विरुद्ध धारा 106(1), 3(5) भारतीय न्याय संहिता बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।
अस्पताल मेमो का विवरण

रीजनल अस्पताल चरचा से प्राप्त मेमो के अनुसार मृतक को खदान में घायल अवस्था में सहकर्मियों द्वारा अस्पताल लाया गया था। रात 10:42 बजे अचानक उल्टी व सांस लेने में तकलीफ शुरू हुई थी। सभी चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। डॉक्टर द्वारा रात 11:25 बजे मृत घोषित किया गया था। मेमो डॉ. इन्द्रजीत प्रभाकर, मेडिकल ऑफिसर, रीजनल अस्पताल चरचा बैकुंठपुर एरिया द्वारा तैयार किया गया था।

प्रशासन को दी गई सूचना

सूचक के मेमो के आधार पर मर्ग कायम कर पंचनामा कार्यवाही की गई तथा घटना की सूचना अनुविभागीय दंडाधिकारी एसडीएम बैकुंठपुर को प्रेषित कर दी गई थी।

परिजनों में आक्रोश, निष्पक्ष कार्रवाई की मांग

घटना के बाद मृतक डिगेश्वर सिंह के परिजनों में भारी आक्रोश देखने को मिला। परिजनों का कहना है कि यदि खदान प्रबंधन द्वारा सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता तो आज उनका बेटा जीवित होता। परिजनों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई, उचित मुआवजा तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए कठोर कदम उठाने की मांग की है।

मृतक था संविदा कर्मी

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मृतक जेएमएस कंपनी में संविदा श्रमिक के रूप में कार्यरत था। दुर्घटना के समय वह खदान के अंदर ड्यूटी पर मौजूद था। सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता एवं मशीन ब्रेकडाउन के दौरान कार्य रोके जाने संबंधी नियमों का पालन नहीं किया गया।

सुरक्षा नियमों की अनदेखी बनी हादसे की वजह

डायरेक्टरेट जनरल ऑफ माइंस सेफ्टी रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि मशीन खराब होने के बाद भी उत्पादन कार्य जारी रखा गया, जबकि नियमानुसार उस स्थिति में खदान क्षेत्र को सुरक्षित घोषित कर कार्य रोकना अनिवार्य था। इसी लापरवाही ने जानलेवा हादसे का रूप ले लिया।

आगे और धाराएं जुड़ने की संभावना

पुलिस सूत्रों के अनुसार विवेचना के दौरान यदि और जिम्मेदार अधिकारी या ठेकेदार की भूमिका सामने आती है तो प्रकरण में अन्य धाराएं जोड़ते हुए अतिरिक्त आरोपियों को भी शामिल किया जाएगा।

पुलिस का बयान

थाना चरचा पुलिस ने बताया कि मामले की जांच निष्पक्ष रूप से की जा रही है। सभी दस्तावेज, डीजीएमएस रिपोर्ट, अस्पताल रिकॉर्ड, गवाहों के बयान एवं तकनीकी तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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