कार्यक्रम में विद्यालय के कक्षा 8वीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी गईं। विद्यार्थियों को यातायात नियमों के पालन, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने, तेज गति से वाहन न चलाने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करने तथा सुरक्षित तरीके से सड़क पार करने के बारे में विस्तार से समझाया गया।
इसके साथ ही विशेष रूप से बालिकाओं को गुड टच एवं बैड टच के विषय में जानकारी देते हुए उन्हें सतर्क रहने के लिए जागरूक किया गया। थाना प्रभारी ने बताया कि किसी भी प्रकार की असहज या संदिग्ध स्थिति में तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षक अथवा पुलिस को सूचना देना चाहिए।
थाना प्रभारी प्रमोद पाण्डेय ने अपने संबोधन में कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। यदि छात्र जीवन से ही यातायात नियमों का पालन किया जाए तो भविष्य में दुर्घटनाओं में काफी कमी लाई जा सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं नियमों का पालन करें और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस टीम द्वारा विद्यार्थियों को यातायात संकेतों की पहचान, जेब्रा क्रॉसिंग का महत्व तथा नाबालिगों को वाहन न चलाने की अनिवार्यता के बारे में उदाहरण सहित जानकारी दी गई। साथ ही बताया गया कि अक्सर छोटी-सी लापरवाही बड़े हादसों का कारण बन जाती है, इसलिए सभी को नियमों का गंभीरता से पालन करना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकगण, स्टाफ सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अंत में विद्यालय प्रबंधन द्वारा पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की सहमति दी गई।
0 टिप्पणियाँ