पीएम श्री विद्यालय चरचा में भव्य पालक–शिक्षक सम्मेलन संपन्न, शिक्षा की गुणवत्ता सुधार को लेकर पालकों और शिक्षकों ने मिलकर बनाई विकास की रूपरेखा


चरचा कॉलरी।पीएम श्री शासकीय प्राथमिक शाला चरचा में गत दिवस शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पालक–शिक्षक सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन में विद्यालय परिवार, पालकों, जनप्रतिनिधियों एवं विद्यालय प्रबंधन समिति की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली। कार्यक्रम उत्साह, सहयोग और सकारात्मक संवाद का प्रतीक बना।

कार्यक्रम विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सीमा मिश्रा के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। बैठक की अध्यक्षता उनके द्वारा की गई, जिसमें विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, समस्त सदस्य, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में पालक उपस्थित रहे।

छात्रों ने रखी समस्याएं, जनप्रतिनिधियों ने दिया समाधान का भरोसा

सम्मेलन के दौरान छात्र–छात्राओं ने विद्यालय में संसाधनों की कमी, अध्ययन सामग्री, कक्षागत सुविधाओं एवं अन्य आवश्यकताओं से संबंधित समस्याएं मंच के माध्यम से रखीं। बच्चों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने संवेदनशीलता का परिचय दिया तथा शीघ्र आवश्यक सुधार एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

विद्यालय के नवाचारों की हुई सराहना

कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय परिसर में संचालित मिड–डे मील किचन, हरा–भरा गार्डन एवं प्रयोगशाला का निरीक्षण किया गया। विद्यालय द्वारा किए गए स्वच्छता, पौधारोपण एवं शैक्षणिक नवाचारों की उपस्थित अतिथियों एवं पालकों ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की।

पालकों की सक्रिय भागीदारी बनी सम्मेलन की पहचान
सम्मेलन में पालकों ने बच्चों की शिक्षा, नियमित उपस्थिति, अनुशासन एवं नैतिक मूल्यों के विकास को लेकर अपने सुझाव साझा किए। पालकों ने शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए विद्यालय के हर विकास कार्य में सहयोग देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

संचालन और व्यवस्था रही सराहनीय

कार्यक्रम का सफल संचालन संकुल समन्वयक राजेंद्र मंडल द्वारा किया गया। वहीं बैठक व्यवस्था एवं कार्यक्रम को सुव्यवस्थित बनाने में तरसेन टोप्पो, अनुज्योशी खल्खो, दिव्या चक्रधारी, प्रीति अग्रहरि एवं पायल सोनवानी की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनकी सक्रिय सहभागिता से आयोजन अत्यंत प्रभावशाली रहा।

शिक्षा के त्रिकोण को मिला नया बल

यह पालक–शिक्षक सम्मेलन विद्यालय, अभिभावकों और समाज के बीच मजबूत समन्वय का सेतु बना। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि जब शिक्षक, पालक और जनप्रतिनिधि एक मंच पर साथ आते हैं, तब शिक्षा का स्तर स्वतः ऊंचाइयों तक पहुंचता है।

सम्मेलन का समापन सकारात्मक संकल्पों एवं विद्यालय के सर्वांगीण विकास के संकल्प के साथ किया गया।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ