चरचा कॉलरी। स्वर्गीय अमर सायं स्मृति अखिल भारतीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता का भव्य समापन समारोह रविवार को श्रमवीर स्टेडियम में गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता लगातार तीन दिनों तक चली।
चरचा क्षेत्र के लिए यह प्रतियोगिता ऐतिहासिक रही, क्योंकि पहली बार महिला खिलाड़ियों की अखिल भारतीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसे देखने बड़ी संख्या में खेलप्रेमी उपस्थित रहे। समापन दिवस पर महिला वर्ग का फाइनल मुकाबला खेला गया, जिसने दर्शकों को रोमांच से भर दिया।
मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बैकुंठपुर क्षेत्र महाप्रबंधक श्री बी.एन. झा रहे। विशिष्ट अतिथियों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी चिरमिरी डॉ. ए.के. बिराजी, सीएसपी राजेश साहू, सह क्षेत्र प्रबंधक चरचा आरओ संजय कुमार, सबेरिया इंजीनियर चन्दन प्रसाद, सेल्स ऑफिसर धीरज मिश्रा, नगर पालिका अध्यक्ष अरुण जायसवाल, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष एवं कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष अजीत लकड़ा, थाना प्रभारी बैकुंठपुर निरीक्षक विपिन लकड़ा, वरिष्ठ पत्रकार नीरज गुप्ता, मो. रेयाज, जितेन्द्र श्रीवास्तव, महेश यादव, विनोद दुबे, वरिष्ठ कार्मिक प्रबंधक हीरा सिंह, पत्रकार अंकित अग्रवाल, पार्षद लाल मोहम्मद, भाजपा मंडल अध्यक्ष दीपा विश्वकर्मा, काजल मोदी, थाना प्रभारी प्रमोद पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं खेलप्रेमी नागरिक उपस्थित रहे।आयोजन समिति द्वारा मुख्य अतिथि श्री बी.एन. झा को शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया।
फाइनल मुकाबलों का रोमांच
कार्यक्रम के पूर्व अतिथियों द्वारा महिला खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया गया। राष्ट्रगान के पश्चात बॉल हैंड सेट कर खेल का औपचारिक शुभारंभ किया गया।
महिला वर्ग फाइनल
महिला वर्ग का फाइनल मुकाबला छत्तीसगढ़ रायपुर एवं देहरादून उत्तराखंड के मध्य खेला गया। पहला सेंट देहरादून उत्तराखंड ने 25–24 से जीत दर्ज की दूसरा सेंट छत्तीसगढ़ रायपुर ने 25–21 से जीतकर मुकाबला बराबरी पर ला दिया निर्णायक सेट में छत्तीसगढ़ रायपुर की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 2–1 से मुकाबला जीतकर फाइनल विजेता बनने का गौरव प्राप्त किया।
पुरुष वर्ग (बॉयज टीम) फाइनल
पुरुष वर्ग का फाइनल मुकाबला जयपुर राजस्थान एवं देहरादून यूनिवर्सिटी, उत्तराखंड के बीच खेला गया।
दोनों टीमों के बीच मुकाबला बेहद संघर्षपूर्ण रहा। पहले दो सेटों में 1–1 की बराबरी के बाद अंतिम सेट में देहरादून यूनिवर्सिटी उत्तराखंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की और फाइनल विजेता बनी।
पुरस्कार वितरण
महिला वर्ग विजेता ट्रॉफी छत्तीसगढ़ रायपुर एवं पुरुष वर्ग विजेता ट्रॉफी देहरादून उत्तराखंड टीम को मुख्य अतिथि महाप्रबंधक बी.एन. झा एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. ए.के. बिराजी के हाथों प्रदान की गई।
वहीं उपविजेता ट्रॉफी महिला वर्ग में देहरादून उत्तराखंड एवं पुरुष वर्ग में जयपुर राजस्थान टीम को सह क्षेत्र प्रबंधक संजय कुमार एवं धीरज मिश्रा द्वारा प्रदान की गई।
विशेष सम्मान
इस टूर्नामेंट के सफल आयोजन में अहम भूमिका निभाने वाले आजाद सिंह को मुख्य अतिथि के मेमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया।
आयोजन समिति का योगदान
आयोजन समिति के अध्यक्ष सह क्षेत्र प्रबंधक संजय कुमार,
उपाध्यक्ष शब्बीर अली एवं अशोक लाल, सचिव सुशील शर्मा, सह-सचिव मेहबूब आलम, कोषाध्यक्ष आजाद सिंह सहित समिति के सभी सदस्यों एवं स्थानीय नागरिकों के सहयोग से प्रतियोगिता का सफल आयोजन संभव हो सका।
समापन अवसर पर अतिथियों ने आयोजन समिति को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे खेल आयोजन युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के साथ क्षेत्र में खेल संस्कृति को मजबूत करते हैं।
समापन समारोह संबोधन (संशोधित रूप)
महाप्रबंधक श्री बी.एन. झा ने अपने उद्बोधन में कहा कि उत्तराखंड, राजस्थान एवं छत्तीसगढ़ से पधारे सभी खिलाड़ी, अधिकारीगण एवं खेलप्रेमी साथी आज इस आयोजन में हमें तीन समृद्ध राज्यों छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और राजस्थान का सुंदर संगम देखने को मिला। तीनों राज्य अपनी-अपनी संस्कृति, परंपरा और पहचान में अत्यंत समृद्ध हैं। उत्तराखंड देवभूमि है, जहाँ पहाड़, नदियाँ और आध्यात्मिक वातावरण पूरे देश को ऊर्जा प्रदान करता है। राजस्थान शौर्य, किलों और इतिहास की धरती है जहाँ हर पत्थर एक कहानी कहता है। और हमारा छत्तीसगढ़, विशेष रूप से सरगुजा अंचल, अपनी सादगी, मेहनतकश संस्कृति और प्राकृतिक संपदा के लिए जाना जाता है। आप सभी ने महसूस किया होगा कि यहाँ का वातावरण कुछ अलग है यहाँ बदलाव है, विकास है और सकारात्मक ऊर्जा है। छत्तीसगढ़ का कोयला आज पूरे देश को रोशनी देता है, गुजरात, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान सहित अनेक राज्यों तक यहाँ की ऊर्जा पहुँचती है। यह क्षेत्र केवल खेल के लिए ही नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मैं आप सभी अतिथियों से निवेदन करता हूँ कि जब भी अवसर मिले, यहाँ की खनन व्यवस्था, माइंस और औद्योगिक कार्यप्रणाली को अवश्य देखें क्योंकि यह अनुभव जीवन भर याद रहता है। आज के मुकाबलों की बात करूँ तो हार और जीत खेल का हिस्सा है, लेकिन जो जज़्बा, अनुशासन और ऊर्जा खिलाड़ियों ने दिखाई, वह काबिले-तारीफ रही। विशेष रूप से महिला खिलाड़ियों का प्रदर्शन अत्यंत सराहनीय रहा उनका आत्मविश्वास, तकनीक और टीम भावना प्रेरणादायक थी।लड़कियों ने यह साबित कर दिया कि वे किसी से कम नहीं हैं। उत्तराखंड और राजस्थान दोनों टीमों ने बेहतरीन खेल दिखाया। अंतिम क्षणों तक मुकाबला रोमांच से भरा रहा। मैं विजेता टीम को हार्दिक बधाई देता हूँ और उपविजेता टीम को भी उनके शानदार प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएँ। आज जो भी खिलाड़ी यहाँ खेलकर जा रहे हैं, वे केवल ट्रॉफी नहीं, बल्कि यादें, अनुभव और आपसी भाईचारे का संदेश अपने साथ लेकर जा रहे हैं। आप सभी से निवेदन है यहाँ की तस्वीरें, वीडियो और अनुभव अपने साथ लेकर जाएँ, इन्हें सोशल मीडिया पर साझा करें, ताकि इस आयोजन और इस क्षेत्र की पहचान देशभर में पहुँचे। अंत में, मैं आयोजन समिति, सभी सहयोगियों, अधिकारियों, दर्शकों और खिलाड़ियों को इस भव्य आयोजन के लिए हृदय से धन्यवाद देता हूँ। आप सभी ऐसे ही मुस्कुराते रहें, खेलते रहें, जुड़ते रहें और चरचा कॉलरी की इन यादों को अपने दिल में संजोकर रखें।
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