जिला कोरिया। वर्षों से वनभूमि पर कठिन जीवन यापन कर रहे वनांचल के मेहनतकश वनवासी किसानों के जीवन में अब आर्थिक समृद्धि की नई किरण दिखाई देने लगी है। शासन की वनाधिकार पत्रक योजना और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के समन्वित प्रयास से बंजर व असमतल भूमि अब लहलहाते खेतों में बदल चुकी है, जिससे आदिवासी परिवारों के चेहरों पर आत्मनिर्भरता की मुस्कान साफ झलक रही है।
कोरिया जिले के वनांचल क्षेत्र अंतर्गत जनपद पंचायत सोनहत की ग्राम पंचायत नटवाही एवं इसके आश्रित गांव चुलादर और कुर्थी में कुल 17 परंपरागत वनवासी परिवारों को दो वर्ष पूर्व वनाधिकार पत्रक के अंतर्गत भूमि का पट्टा प्रदान किया गया था। यह भूमि पथरीली और असमतल होने के कारण खेती योग्य नहीं थी, जिससे किसान आर्थिक लाभ से वंचित थे।
मनरेगा से मिली विकास की दिशा
वनाधिकार से प्राप्त भूमि को खेती योग्य बनाने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत द्वारा भूमि समतलीकरण और मेड़ बंधान कार्य को ग्राम पंचायत विकास कार्ययोजना में शामिल किया गया। तकनीकी परीक्षण के बाद प्रत्येक हितग्राही के लिए पृथक प्रस्ताव तैयार किए गए। इस अंतर्गत कुल 11.06 हेक्टेयर भूमि सुधार के लिए 19 लाख 51 हजार 346 रुपये की राशि स्वीकृत की गई। ग्राम पंचायत को कार्य एजेंसी बनाते हुए 6,744 मानव दिवस का सृजन कर यह कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कराया गया।
लहलहाई फसल, बढ़ा उत्पादन
भूमि सुधार कार्य पूर्ण होने के बाद किसानों ने खरीफ मौसम में धान को मुख्य फसल के रूप में अपनाया। साथ ही गेहूं, मक्का और मटर जैसी फसलों की खेती भी शुरू की गई। अनुकूल वर्षा और मेहनत के परिणामस्वरूप इस वर्ष इन 17 किसानों द्वारा 300 क्विंटल से अधिक धान एवं मक्का का उत्पादन किया गया। कुल मिलाकर इन परिवारों द्वारा 319 क्विंटल फसल उत्पादन दर्ज किया गया, जो उनके जीवन स्तर में ठोस सुधार का प्रमाण है।
आंकड़ों में सफलता
कुल हितग्राही 17 भूमि सुधार क्षेत्र 11.06 हेक्टेयर, कुल उत्पादन 319 क्विंटल, स्वीकृत राशि : ₹19,51,346, सृजित मानव दिवस 6,744 यह पहल न केवल आदिवासी किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही है, बल्कि उन्हें स्थायी आजीविका और सुरक्षित भविष्य की ओर भी अग्रसर कर रही है। आज इन वनवासी परिवारों के खातों में मेहनत की कमाई और चेहरों पर आत्मविश्वास से भरी संतोषजनक मुस्कान साफ दिखाई दे रही है जो वास्तव में ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भर भारत की सशक्त तस्वीर पेश करती है।
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