चरचा कॉलरी में भव्य रूप से संपन्न हुआ कोयला खान सुरक्षा पखवाड़ा 2025 का समापन समारोह, श्रमवीर स्टेडियम में उत्कृष्ट सुरक्षा कार्यों के लिए अधिकारी–कर्मचारी सम्मानित सुरक्षा को लेकर दिया गया शून्य दुर्घटना का संदेश


चरचा कॉलरी। खान सुरक्षा निदेशालय रायपुर, जबलपुर, बिलासपुर–1 एवं बिलासपुर–2 क्षेत्र के अंतर्गत साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) एवं अन्य कोयला संस्थानों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित वार्षिक कोयला खान सुरक्षा पखवाड़ा 2025 का समापन सह पुरस्कार वितरण समारोह रविवार 18 जनवरी 2026 को दोपहर 2:30 बजे से भव्य रूप में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन श्रमवीर स्टेडियम, चरचा कॉलरी, बैकुंठपुर क्षेत्र, जिला कोरिया में किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि महानिदेशक, खान सुरक्षा महानिदेशालय धनबाद श्री उज्ज्वल ता रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक, एसईसीएल बिलासपुर श्री हरीश दुहन ने की।

विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

विशिष्ट अतिथियों के रूप में श्री रामावतार मीना, उप महानिदेशक, खान सुरक्षा महानिदेशालय (पश्चिमी अंचल)
श्री नीरज कुमार, उप महानिदेशक, खान सुरक्षा महानिदेशालय (उत्तरी अंचल) की उपस्थिति ने समारोह की गरिमा को और बढ़ाया।
पारंपरिक स्वागत व सुरक्षा संदेश

अतिथियों का स्वागत छत्तीसगढ़ी कर्मा नृत्य के माध्यम से किया गया। इसके पश्चात परेड की सलामी दी गई तथा सुरक्षा ध्वजारोहण, मशाल प्रज्वलन, बैलून व कबूतर उड़ाकर सुरक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। इसके साथ ही अतिथियों ने विभिन्न सुरक्षा स्टॉलों का निरीक्षण किया।
13 क्षेत्रों के सुरक्षा स्टॉल रहे आकर्षण का केंद्र

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के कुल 13 कोयला क्षेत्रों द्वारा सुरक्षा स्टॉल लगाए गए, जिनमें बैकुंठपुर, जोहिला, भटगांव, सोहागपुर, बिश्रामपुर, जमुना–कोतमा, चिरमिरी, गेवरा, दीपिका, हसदेव, कोरबा, कुसमुंडा, रायगढ़ क्षेत्र शामिल रहे।
दीप प्रज्वलन व श्रद्धांजलि

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके पश्चात कोल इंडिया कॉरपोरेट गीत का गायन किया गया तथा खान दुर्घटनाओं में दिवंगत श्रमिकों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति

समारोह में एसईसीएल व खान सुरक्षा निदेशालय के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से एन. फ्रैंकलिन जयकुमार निदेशक (तकनीकी/संचालन), बिरंची दास निदेशक (मानव संसाधन), दरला सुनील कुमार निदेशक (वित्त), हिमांशु जैन मुख्य सतर्कता अधिकारी आर.सी. महापात्र निदेशक (तकनीकी योजना एवं परियोजना) सहित खान सुरक्षा निदेशालय के अधिकारी विपुल तिवारी खान सुरक्षा निदेशक, रायपुर, एम.सी. जायसवाल खान सुरक्षा निदेशक, जबलपुर, मुकेश कुमार मिश्रा खान सुरक्षा निदेशक, बिलासपुर–01, राजेश कुमार सिंह खान सुरक्षा निदेशक, बिलासपुर–02 एवं वी.एन. झा क्षेत्रीय महाप्रबंधक, एसईसीएल बैकुंठपुर क्षेत्र सहित 12 एरिया के क्षेत्रीय महाप्रबंधक उपस्थित रहे।
उत्कृष्ट सुरक्षा कार्यों के लिए सम्मान

समापन समारोह के दौरान सुरक्षा पखवाड़ा 2025 के अंतर्गत विभिन्न खदानों, इकाइयों एवं विभागों द्वारा किए गए उत्कृष्ट सुरक्षा कार्यों के लिए अधिकारियों, कर्मचारियों, श्रमिकों एवं टीमों को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से जन–जन तक पहुंचा सुरक्षा संदेश

कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा जागरूकता पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं, डीएबी पब्लिक स्कूल,  सरस्वती शिशु मंदिर के छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक, पंजाबी, छत्तीसगढ़ी व बंगाली नृत्य से अतिथियों का मनोबल बढ़ाया।
आधुनिक सुरक्षा तकनीकों पर विशेष जोर

अधिकारियों ने बताया कि कोयला खनन के दौरान अपनाई जा रही नवीन सुरक्षा तकनीक, जोखिम प्रबंधन, आपदा बचाव उपाय एवं श्रमिकों के स्वास्थ्य संरक्षण को प्राथमिकता दी जा रही है। सुरक्षा स्टॉलों के माध्यम से आधुनिक उपकरणों एवं सुरक्षित कार्य प्रणालियों का प्रदर्शन किया गया।

सुरक्षा ध्वज हस्तांतरण के साथ समापन

कार्यक्रम के अंत में सुरक्षा स्टॉल का अंतिम निरीक्षण एवं सुरक्षा ध्वज का हस्तांतरण किया गया, जिससे आगामी वर्ष में भी सुरक्षा के प्रति सतत जागरूकता बनाए रखने का संकल्प दोहराया गया।

इस भव्य आयोजन को लेकर एसईसीएल बैकुंठपुर क्षेत्र एवं चरचा कॉलरी में विशेष उत्साह का माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी, श्रमिक संगठन प्रतिनिधि एवं आम नागरिक कार्यक्रम में शामिल हुए।कोयला खान सुरक्षा पखवाड़ा 2025 का यह आयोजन सुरक्षित कार्य संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
मुख्य अतिथि महानिदेशक, खान सुरक्षा महानिदेशालय धनबाद उज्ज्वल ता ने अपने उद्बोधन में कहा कि कोयला खनन देश की ऊर्जा सुरक्षा की रीढ़ है, लेकिन इससे जुड़ा प्रत्येक कार्य तभी सार्थक है जब हर श्रमिक सुरक्षित अपने घर लौटे। सुरक्षा कोई औपचारिकता नहीं, बल्कि कार्य संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए आधुनिक तकनीक, सतत प्रशिक्षण और अनुशासित कार्य प्रणाली का पालन अत्यंत आवश्यक है।

आज के समय में जोखिम प्रबंधन, डिजिटल मॉनिटरिंग, रियल टाइम सेफ्टी सिस्टम और व्यवहार आधारित सुरक्षा (Behavior Based Safety) को अपनाकर ही खनन कार्य को अधिक सुरक्षित बनाया जा सकता है।
खान सुरक्षा महानिदेशालय का लक्ष्य केवल नियम बनाना नहीं, बल्कि शून्य दुर्घटना (Zero Accident) की दिशा में सभी को साथ लेकर आगे बढ़ना है। इसके लिए प्रबंधन, पर्यवेक्षक और श्रमिक—तीनों की सामूहिक जिम्मेदारी तय होती है।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा पखवाड़ा जैसे आयोजनों का उद्देश्य केवल पुरस्कार देना नहीं, बल्कि हर कर्मचारी के मन में सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना है, ताकि कार्यस्थल पर लापरवाही की कोई गुंजाइश न रहे। यदि हम आज सुरक्षा को प्राथमिकता देंगे, तो आने वाला कल निश्चित रूप से अधिक सुरक्षित, सशक्त और उज्ज्वल होगा।

उन्होंने सभी कोयला क्षेत्रों से अपील की कि “सुरक्षा पहले, उत्पादन बाद में” के मूलमंत्र को अपनाकर ही देश की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति को सुरक्षित रूप से सुनिश्चित किया जा सकता है।

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