जिला कोरिया। जनपद पंचायत बैकुंठपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत फुलपुर में इन दिनों पेयजल संकट विकराल रूप ले चुका है। गांव के सैकड़ों ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं। हालात यह हैं कि गांव में पीने के पानी का कोई स्थायी और भरोसेमंद स्रोत फिलहाल मौजूद नहीं है।
ग्रामीणों के अनुसार पहले पंचायत भवन के समीप स्थित आंगनबाड़ी केंद्र से मोटर के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जाती थी, जिससे कई घरों की जरूरत पूरी हो जाती थी। लेकिन पंचायत भवन के आपरेटर द्वारा बिजली कनेक्शन कटवा दिए जाने के बाद मोटर पूरी तरह बंद हो गई, जिससे गांव की जलापूर्ति ठप हो गई है।
ग्रामीणों ने बताया कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी नल-जल योजना ग्राम पंचायत फुलपुर में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। न तो नलों में पानी आ रहा है और न ही पंचायत स्तर पर इसकी मरम्मत या सुधार को लेकर कोई गंभीर पहल की जा रही है। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को दूर-दराज के स्रोतों से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत की सरपंच एवं सचिव इस गंभीर समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं और मनमानी ढंग से कार्य कर रहे हैं। वहीं जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती धर्मावती राजवाड़े द्वारा यह कहकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया गया कि केवल एक-दो घरों में ही पानी की समस्या है, जबकि हकीकत में पूरा गांव पानी के संकट से जूझ रहा है।
गांव में बढ़ते आक्रोश को देखते हुए ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र ही पेयजल व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर जनसमस्या पर कब संज्ञान लेता है और ग्राम पंचायत फुलपुर को जल संकट से कब राहत मिलती है।
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