जिला कोरिया। नगर पालिका शिवपुर चरचा के सुभाष नगर स्थित दुर्गा पूजा पंडाल एक बार फिर धार्मिक चेतना, आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति भाव का प्रमुख केंद्र बन गया है। यहां कलश यात्रा के साथ भव्य श्रीकृष्ण श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ किया गया, जो 20 जनवरी से 26 जनवरी 2026 तक निरंतर आयोजित किया जाएगा।
कथा के प्रथम दिवस निकाली गई भव्य कलश यात्रा में चरचा क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालु श्रद्धा और उत्साह के साथ शामिल हुए। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर “जय श्रीकृष्ण” एवं हरि नाम संकीर्तन के उद्घोष के साथ यात्रा में आगे बढ़ीं।
कलश यात्रा सुभाष नगर दुर्गा पूजा पंडाल से डीजे, भजन-कीर्तन एवं धार्मिक धुनों के साथ प्रारंभ होकर छठ घाट पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिविधान से पूजा-अर्चना कर पवित्र जल भरा गया। इसके पश्चात यात्रा बर्दी मंदिर होते हुए जगन्नाथ मंदिर पहुंची, जहां प्रभात फेरी निकालकर क्षेत्रवासियों को धर्म लाभ लेने का आह्वान किया गया। प्रभात फेरी के उपरांत कलश यात्रा पुनः सुभाष नगर दुर्गा पूजा पंडाल लौटी।
यहां शाम 6 बजे से श्रीमद्भागवत कथा का विधिवत आरंभ हुआ। कथा वाचक सुश्री साध्वी सरस्वती द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के अवतार, बाल लीलाओं, गोवर्धन पूजा, रासलीला एवं श्रीमद्भागवद्गीता के उपदेशों का भावपूर्ण वर्णन किया गया।
कथा के दौरान श्रद्धालुओं को बताया गया कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला आध्यात्मिक मार्ग है, जो मानव जीवन में सद्भाव, करुणा, प्रेम और सेवा भाव का विकास करता है।
पूरे आयोजन स्थल पर भक्ति संगीत, शंखनाद, घंटियों की मधुर ध्वनि एवं हरि नाम संकीर्तन से वातावरण पूर्णतः भक्तिमय बना रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण कर भाव-विभोर होते नजर आए।
श्रद्धालुओं हेतु समुचित व्यवस्थाएं
आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बैठक व्यवस्था, पेयजल, प्रकाश, स्वच्छता एवं सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की गई है। समिति के सदस्य एवं स्वयंसेवक निरंतर सेवा कार्य में जुटे हुए हैं।
26 को पूर्णाहुति, 27 को विशाल भंडारा
आयोजन समिति ने जानकारी दी कि 26 जनवरी 2026 को श्रीमद्भागवत कथा का पूर्णाहुति एवं समापन किया जाएगा। वहीं 27 जनवरी 2026 को विशाल भंडारे का आयोजन कर हजारों श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया जाएगा।
कथा आयोजन को लेकर पूरे चरचा क्षेत्र में धार्मिक उल्लास का वातावरण बना हुआ है। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के कथा श्रवण हेतु पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
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