जिला कोरिया। चरचा क्षेत्र में अवैध कोयला तस्करी का कारोबार तेजी से फैलता जा रहा है। थाना चरचा क्षेत्र अंतर्गत नगर पालिका शिवपुर चरचा के वार्ड क्रमांक 1 कठोतिया पारा में एसईसीएल सुरक्षा प्रहरियों एवं चरचा पुलिस की संयुक्त पेट्रोलिंग के दौरान बुधवार–गुरुवार की दरम्यानी रात लगभग 2:30 बजे एक वेगैनार कार को अवैध कोयले के साथ पकड़कर बड़ी कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई से जहां तस्करों में हड़कंप मचा है, वहीं यह घटना क्षेत्र में लगातार हो रही कोयला चोरी की गंभीर सच्चाई को भी उजागर करती है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार वेगैनार कार क्रमांक सीजी 07 एम 2680 में करीब 8 से 10 बोरा कोयला लोड कर चोरी-छिपे ले जाया जा रहा था। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर मौके पर पहुंची पुलिस एवं एसईसीएल सुरक्षा टीम ने वाहन को घेराबंदी कर पकड़ा। जांच में कार से अवैध रूप से कोयला बरामद किया गया। पूछताछ में सामने आया कि वाहन बैकुंठपुर निवासी धीरज जायसवाल का है, जो स्वयं कोयला परिवहन करने की फिराक में था। पुलिस ने वाहन को जब्त कर थाना चरचा लाया।
चरचा पुलिस द्वारा आरोपी के विरुद्ध धारा 35(1-4) बीएनएसएस एवं 303(1) बीएनएसएस के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एसईसीएल द्वारा अपराध दर्ज कराए जाने पर वाहन मालिक के विरुद्ध पृथक से अपराध कायम कर उसे न्यायिक रिमांड पर पेश किया जाएगा।
इधर, स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। डी प्वाइंट, शिवपुर, पटेलपारा, कठोतियापारा और रेलवे साइडिंग प्वाइंट से इन दिनों लगातार आधी रात के बाद अवैध कोयले का परिवहन किया जा रहा है। इस अवैध कारोबार से एसईसीएल को प्रतिदिन हजारों रुपये का नुकसान हो रहा है। बावजूद इसके, आरोप है कि इस ओर न तो नियमित निगरानी की ठोस व्यवस्था है और न ही जिम्मेदारों द्वारा प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि सुरक्षा व्यवस्था में ढिलाई और सतत निगरानी के अभाव में कोयला चोरों के हौसले बुलंद हैं, जिसके चलते अवैध कोयला चोरी की घटनाएं दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। लोगों ने मांग की है कि एसईसीएल प्रबंधन एवं पुलिस प्रशासन संयुक्त रूप से रात्रिकालीन गश्त बढ़ाए, संवेदनशील प्वाइंट्स पर स्थायी निगरानी व्यवस्था एवं सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, ताकि सरकारी संपत्ति की इस लूट पर रोक लगाई जा सके।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि लगातार सामने आ रही घटनाओं के बावजूद एसईसीएल प्रबंधन कब नींद से जागेगा और अवैध कोयला तस्करी पर लगाम लगाने के लिए ठोस और निर्णायक कदम उठाएगा। क्षेत्रवासियों की निगाहें अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
सूत्रों के अनुसार अवैध कोयला तस्करी में स्थानीय स्तर पर संगठित गिरोह सक्रिय है, जो रात के अंधेरे में सुनियोजित तरीके से कोयले की ढुलाई कर रहा है। तस्कर छोटे-बड़े वाहनों, कारों व पिकअप के माध्यम से कोयला निकालकर आसपास के इलाकों में खपाने का काम कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि कई बार सुरक्षा व्यवस्था कमजोर होने का फायदा उठाकर रेलवे साइडिंग एवं खदान क्षेत्र से सीधे कोयला बाहर निकाला जा रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में कोयला चोरी एक संगठित अपराध का रूप ले सकती है, जिससे न सिर्फ एसईसीएल बल्कि शासन को भी भारी राजस्व नुकसान उठाना पड़ेगा। वहीं क्षेत्र में असामाजिक तत्वों की सक्रियता बढ़ने से कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
इस बीच पुलिस प्रशासन का कहना है कि अवैध कोयला परिवहन पर लगातार नजर रखी जा रही है और संयुक्त पेट्रोलिंग अभियान को और सख्त किया जाएगा। संवेदनशील क्षेत्रों में रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने के साथ-साथ मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अवैध कोयला चोरी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
क्षेत्रवासियों की मांग है कि केवल एक-दो कार्रवाई तक सीमित न रहकर नियमित व ठोस अभियान चलाया जाए, ताकि अवैध कोयला तस्करी पर स्थायी रोक लग सके। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन मिलकर इस गंभीर समस्या पर कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई करते हैं, या फिर अवैध कोयला कारोबार इसी तरह फलता-फूलता रहेगा।
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