खदान की बिजली लाइन काटकर 50 हजार की कॉपर केबल चोरी, पटना पुलिस ने संगठित गिरोह का किया पर्दाफाश, 8 आरोपी गिरफ्तार, कबाड़ी नेटवर्क तक पहुंची जांच, न्यायालय ने भेजा न्यायिक रिमांड पर

 
चरचा कॉलरी। जिले के नगर पंचायत पटना क्षेत्र अंतर्गत खदान से कोयला साइडिंग कटोरा तक बिछी कॉपर केबल चोरी के मामले में पटना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। 12 व 13 जनवरी 2026 की दरम्यानी रात करीब 2 बजे हुई इस चोरी की वारदात में लगभग 100 मीटर लंबी 330 बोल्ट डबल माउंट कॉपर केबल काट ली गई थी, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 50 हजार रुपये बताई गई है।

इस घटना के चलते खदान की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई थी, जिससे औद्योगिक कार्य प्रभावित हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना पटना पुलिस ने तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की।

पहले बिजली बंद, फिर केबल काटकर चोरी
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने वारदात से पहले गोगरी नल के पास बिजली आपूर्ति बंद की और फिर पूरी योजना के तहत केबल कटर की मदद से कॉपर वायर काटकर चोरी की। यह कार्रवाई किसी एक व्यक्ति द्वारा नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह द्वारा की गई।

थाना पटना में अपराध क्रमांक 18/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2), 111, 3(5), 317(2) एवं विद्युत अधिनियम की धारा 136 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया।

इन आरोपियों को किया गया गिरफ्तार

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में ग्राम बर्दिया सहित अन्य क्षेत्रों के निवासी शामिल हैं जिसमें धर्मेंद्र उर्फ गोलू राजवाड़े, देवकुमार उर्फ दहुआ, प्रथम प्रकाश प्रजापति, 
धनेश्वर उर्फ गोविंद उर्फ लाली, राहुल सिंह उर्फ राहुल गोड, 
राजकुमार उर्फ छोटू खेरवार, नरेंद्र प्रसाद गुप्ता कबाड़ी, बैकुंठपुर, सुजीत ताम्रकार कबाड़ कारोबारी सभी आरोपियों को थाना पटना परिसर में पुलिस अभिरक्षा में प्रस्तुत किया गया, जिसकी तस्वीरें भी सामने आई हैं।

650 रुपये प्रति किलो में बेचा गया चोरी का तांबा

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि चोरी की गई कॉपर केबल को बैकुंठपुर निवासी कबाड़ी नरेंद्र प्रसाद गुप्ता को 650 रुपये प्रति किलो की दर से बेचा गया। आगे जांच में खुलासा हुआ कि उक्त तांबा सुजीत ताम्रकार को आगे बिक्री के लिए दिया गया था। इस खुलासे के बाद पुलिस की जांच कबाड़ कारोबार नेटवर्क तक पहुंच गई है।

न्यायालय ने भेजा न्यायिक रिमांड पर

पुलिस ने सभी आरोपियों को 30 जनवरी 2026 को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें प्रथम रिमांड पर 13 फरवरी 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। रिमांड फॉर्म के अनुसार आरोपियों की उम्र 19 से 48 वर्ष के बीच है और सभी जिला कोरिया के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के निवासी हैं।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस बड़ी चोरी की घटना के बाद खदान क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन और पुलिस ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए गश्त, निगरानी और तकनीकी सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से क्षेत्र में केबल चोरी और अवैध कबाड़ कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।

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