चरचा कॉलरी। अखिल भारतीय शेषन स्मृति 50वें गोल्ड कप फुटबॉल टूर्नामेंट के स्वर्ण जयंती समारोह के अंतर्गत प्रतियोगिता के पाँचवें दिन दो क्वार्टर फाइनल मुकाबले खेले गए। दोनों ही मैच अत्यंत रोमांचक रहे, जिनमें दर्शकों को कड़ी प्रतिस्पर्धा, अनुशासन और खेल भावना का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला।
पहला क्वार्टर फाइनल
पहला क्वार्टर फाइनल मुकाबला दोपहर 1:47 बजे नीमच (मध्यप्रदेश) एवं समलेश्वरी-11 संबलपुर (ओडिशा) के मध्य खेला गया। अतिथियों द्वारा खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त करने के पश्चात राष्ट्रगान के साथ मैच की शुरुआत हुई।
मैच के प्रारंभ से ही दोनों टीमों ने आक्रामक खेल दिखाया। मध्यांतर से 12 मिनट पूर्व संबलपुर के जर्सी नंबर 10 रोलेला ने पहला गोल दागा। इसके तीन मिनट बाद ही जर्सी नंबर 11 तूतू ने दूसरा गोल कर बढ़त मजबूत की। जवाब में नीमच के जर्सी नंबर 05 अरुण मिश्रा ने शानदार गोल करते हुए स्कोर 2–1 कर दिया। मध्यांतर तक यही स्कोर रहा।
मध्यांतर के बाद खेल और तेज हुआ। तीन मिनट के भीतर ही नीमच के जर्सी नंबर 11 रूपेश कोसल ने गोल कर स्कोर 2–2 से बराबर कर दिया। इसके बाद दोनों टीमों को कई अवसर मिले, लेकिन संबलपुर के गोलकीपर ने शानदार बचाव करते हुए टीम को संकट से उबारा। निर्धारित समय तक स्कोर 2–2 की बराबरी पर रहा।
निर्णय पैनाल्टी शूटआउट से हुआ, जिसमें समलेश्वरी-11 संबलपुर (ओडिशा) ने नीमच (मध्यप्रदेश) को 3–1 से पराजित कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
इस मुकाबले के मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार संबलपुर के गोलकीपर जर्सी नंबर 1 साहबान मुस्कात को प्रदान किया गया।
मैच के मुख्य निर्णायक विजय आनंद, सहायक निर्णायक प्रफुल्ल कुमार एवं भरत राजवाड़े, तथा फोर्थ ऑफिशियल आशीष तिवारी रहे।
दूसरा क्वार्टर फाइनल
दिन का दूसरा मुकाबला सेरसा खड़कपुर (पश्चिम बंगाल) एवं एएससी रेलवे नागपुर (महाराष्ट्र) के मध्य खेला गया। दोनों टीमों ने लगातार आक्रमण किए, लेकिन गोल करने में असफल रहीं। मध्यांतर तक स्कोर 0–0 रहा।
मध्यांतर के बाद नागपुर की टीम ने दबाव बनाकर खेला, वहीं सेरसा खड़कपुर के गोलकीपर ने कई शानदार बचाव किए। निर्धारित समय तक कोई गोल नहीं हो सका और मैच 0–0 की बराबरी पर समाप्त हुआ।
पैनाल्टी शूटआउट में सेरसा खड़कपुर (पश्चिम बंगाल) ने एएससी रेलवे नागपुर (महाराष्ट्र) को 2–1 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।
इस मैच का मैन ऑफ द मैच पुरस्कार मुख्य चिकित्सा अधिकारी चिरमिरी डॉ. अशोक के हाथों प्रदान किया गया।
दूसरे मैच के मुख्य निर्णायक विशाल प्रजापति, सहायक निर्णायक पप्पू कुमार (चरचा) एवं आकाश पटवा, तथा फोर्थ ऑफिशियल आशीष तिवारी रहे। दोनों मुकाबलों के कमिश्नर अनिल कचेर एवं अतिरिक्त निर्णायक विजय विश्वकर्मा थे।
ग्राउंड मैनेजमेंट में मो. रफीक तथा फिजियोथेरेपी में अवधेश राजवाड़े एवं आशीष मसीह की अहम भूमिका रही।
आयोजन समिति में अध्यक्ष सह क्षेत्र प्रबंधक संजय कुमार, उपाध्यक्ष संदीप कुमार, सचिव मो. रियाज, सह-सचिव तपेश्वर प्रसाद एवं प्रवीन डेहरिया, तथा कोषाध्यक्ष महेश कुमार को विभिन्न जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं।
आयोजकों ने नगरवासियों एवं खेल प्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है।
प्रतियोगिता के छठे दिन, दोपहर 3:00 बजे से केरला पुलिस (केरल) बनाम एफसी जानल इम्फाल (मणिपुर) के मध्य मुकाबला खेला जाएगा।
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