जिला कोरिया। छत्तीसगढ़ शासन के अधीन रैम्प योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम सीएसआईडीसी के मार्गदर्शन में तथा च्वाइस कंसल्टेंसी के तकनीकी सहयोग से कोरिया जिले में माइनर फॉरेस्ट प्रोड्यूस (एमएफपी) सेक्टर से जुड़े उद्यमों के लिए सेक्टर-स्पेसिफिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण विशेष रूप से शहद, तेंदूपत्ता एवं महुआ आधारित उद्यमों को ध्यान में रखकर आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वन उत्पादों से जुड़े स्वयं सहायता समूहों, संग्राहकों एवं लघु उद्यमियों को उन्नत प्रसंस्करण तकनीक, गुणवत्ता मानकों की समझ, मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग, पैकेजिंग, लागत निर्धारण तथा बाजार से जोड़ने की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना रहा। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को वन उत्पादों को व्यावसायिक स्वरूप प्रदान कर औपचारिक एवं संस्थागत बाजारों तक पहुँच बनाने के प्रभावी तरीकों पर विशेष मार्गदर्शन दिया गया।
प्रशिक्षण सत्रों का संचालन मास्टर ट्रेनर रेविका उपाध्याय द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से न केवल व्यवसायिक दक्षता बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आय के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने प्रतिभागियों को उद्यम विस्तार, लागत नियंत्रण एवं बाजार मांग के अनुरूप उत्पाद विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ भी साझा कीं।
प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें अपने पारंपरिक वन उत्पाद आधारित कार्य को आधुनिक उद्यम के रूप में विकसित करने में सहायता मिलेगी।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम छत्तीसगढ़ शासन की आजीविका संवर्धन नीति के तहत स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यमों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल के रूप में देखा जा रहा है।
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