कन्याओं के कर-कमलों से खुला आस्था का द्वार, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जमड़ी के भवानी मंदिर में भव्य मुख्य द्वार का लोकार्पण



जिला कोरिया। श्रद्धा, समर्पण और सनातन परंपरा की दिव्य अनुभूति के बीच भैयाथान विकासखंड के ग्राम जमड़ी स्थित भवानी मंदिर में आस्था का एक नया अध्याय जुड़ गया। माता भवानी की कृपा और श्रद्धालुओं के सामूहिक सहयोग से निर्मित मंदिर के भव्य मुख्य द्वार का लोकार्पण वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवती स्वरूपा कन्याओं के कर-कमलों से संपन्न हुआ।

लोकार्पण के पावन क्षणों में जैसे ही कन्याओं ने विधिवत पूजा-अर्चना कर द्वार का उद्घाटन किया, पूरा मंदिर परिसर “जय माता दी” के जयघोष से गूंज उठा। यह अवसर केवल एक स्थापत्य संरचना के उद्घाटन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता और सामूहिक भक्ति का जीवंत प्रतीक बन गया।
वैदिक विधि-विधान एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ आयोजित इस कार्यक्रम ने श्रद्धालुओं को गहन आध्यात्मिक अनुभूति से सराबोर कर दिया। श्री नवयुवक दुर्गा मंडल, सूरजपुर के तत्वावधान में आयोजित इस आयोजन में बड़ी संख्या में माता-भक्त, ग्रामीणजन एवं क्षेत्रवासी सपरिवार उपस्थित रहे।
लोकार्पण उपरांत श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद स्वरूप विशाल सामूहिक भंडारे की व्यवस्था की गई, जिसमें भक्ति के साथ-साथ सामाजिक सौहार्द का सुंदर दृश्य देखने को मिला।

इस अवसर पर श्री नवयुवक दुर्गा मंडल के प्रमुख मदनलाल अग्रवाल ने कहा कि यह मुख्य द्वार केवल ईंट-पत्थरों से बना ढांचा नहीं, बल्कि माता भवानी के प्रति अटूट आस्था, युवाओं की सक्रिय सहभागिता और समाज की एकजुट भावना का प्रतीक है। उन्होंने इसे भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

कार्यक्रम की गरिमा बनाए रखने हेतु मंडल के सभी सदस्य निर्धारित गणवेश में समय से पूर्व उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन, श्रद्धा और भक्ति का अनुपम संगम देखने को मिला।

इस पुण्य अवसर को सफल बनाने में धर्मवीर अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, नरेश बंसल एवं रमेश अग्रवाल का विशेष योगदान रहा।

कुल मिलाकर, वैदिक मंत्रों की गूंज और कन्याओं के कर-कमलों से खुले इस द्वार ने न केवल मंदिर परिसर को, बल्कि प्रत्येक श्रद्धालु के मन को भी आस्था और विश्वास के प्रकाश से आलोकित कर दिया।

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