मैच से पूर्व अतिथियों द्वारा खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर राष्ट्रगान के साथ मुकाबले का शुभारंभ किया गया। मैच की शुरुआत अपराह्न 3:33 बजे हुई। प्रारंभ से ही चेन्नई की टीम आक्रामक रुख अपनाते हुए दुर्गापुर पर दबाव बनाती नजर आई। हालांकि दोनों टीमों के सशक्त बचाव के चलते मध्यांतर तक स्कोर 0-0 रहा।
मध्यांतर के बाद दुर्गापुर की टीम आक्रामक होकर मैदान पर उतरी और लगातार गोल करने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। वहीं चेन्नई को भी गोल के मौके मिले, पर दुर्गापुर के गोलकीपर ने शानदार बचाव किया। दुर्गापुर को भी एक सुनहरा अवसर प्राप्त हुआ, जिसे चेन्नई के गोलकीपर ने बेहतरीन कौशल से रोक दिया।
मैच के समाप्ति से लगभग 20 मिनट पूर्व चेन्नई टीम के जर्सी नंबर 9 सानू ने शानदार गोल दागकर अपनी टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद मात्र 7 मिनट के भीतर सानू ने दूसरा गोल कर मुकाबले को पूरी तरह चेन्नई के पक्ष में कर दिया। चेन्नई को तीसरा गोल करने का अवसर भी मिला, लेकिन वह चूक गया।
अंततः जॉय यूनिवर्सिटी चेन्नई ने 2-0 से जीत दर्ज करते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया। शानदार प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार भी जर्सी नंबर 9 सानू को प्रदान किया गया।
मैच के मुख्य निर्णायक पप्पू कुमार (चरचा) रहे, जबकि सहायक निर्णायक प्रभुल कुमार एवं भरत कुमार (चरचा) थे। फोर्थ ऑफिशियल आशीष तिवारी तथा मैच कमिश्नर अनिल कचेर ने अपनी जिम्मेदारी निभाई। मैदान की देखरेख एवं फिजियोथैरेपी की जिम्मेदारी एसईसीएल से सेवानिवृत्त एवं पूर्व फुटबॉल खिलाड़ी मो. रफीक ने संभाली। मंच संचालन व अतिथियों की देखरेख मो. रेयाज द्वारा की गई।
आयोजन समिति में अध्यक्ष सह क्षेत्र प्रबंधक संजय कुमार, उपाध्यक्ष संदीप कुमार, सचिव मो. रियाज, सह-सचिव तपेश्वर प्रसाद एवं प्रवीन डेहरिया तथा कोषाध्यक्ष महेश कुमार को विभिन्न दायित्व सौंपे गए हैं। आयोजकों ने नगरवासियों एवं खेल प्रेमियों से अधिक संख्या में उपस्थित होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है।
प्रतियोगिता के दसवें दिन पहला सेमीफाइनल मुकाबला केरला पुलिस (केरल) एवं समलेश्वरी स्पोर्टिंग, सम्बलपुर (ओड़िशा) के मध्य खेला जाएगा।
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