कोरिया जिले में एसीबी की बड़ी कार्रवाई: उप निरीक्षक व सहायक उप निरीक्षक 25 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

कोरिया। जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उप निरीक्षक एवं सहायक उप निरीक्षक को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। मामला पुलिस चौकी बचरापोड़ी क्षेत्र से जुड़ा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थी सत्येन्द्र कुमार प्रजापति के घर निर्माण के लिए मजदूर मोहित घसिया द्वारा ईंट बनाने का कार्य किया जा रहा था। कार्य के दौरान खोदे गए गड्ढे में पानी भर जाने से मोहित घसिया के बेटे की डूबने से मृत्यु हो गई थी। इस मामले में मर्ग जांच की कार्रवाई की जा रही थी।

आरोप है कि पुलिस चौकी बचरापोड़ी में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक गुरु प्रसाद यादव ने प्रार्थी सत्येन्द्र कुमार प्रजापति को आपराधिक प्रकरण न बनाने तथा केस रफा-दफा करने के एवज में 21 फरवरी 2026 को 50,000 रुपये रिश्वत की मांग की। शिकायत के सत्यापन के दौरान 22 फरवरी 2026 को 25,000 रुपये में सौदा तय किया गया।
इस बीच चौकी से स्थानांतरण के बाद चौकी प्रभारी उप निरीक्षक अब्दुल मुनाफ ने 23 फरवरी 2026 को प्रार्थी को राशि लेकर 24 फरवरी 2026 को चौकी बुलाया। तय योजना के अनुसार 25,000 रुपये रिश्वत लेते हुए उप निरीक्षक अब्दुल मुनाफ को एसीबी अंबिकापुर की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। रिश्वत मांगने के आरोप में सहायक उप निरीक्षक गुरु प्रसाद यादव को भी गिरफ्तार किया गया है।

दोनों आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 एवं 12 के तहत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।

गिरफ्तारी के बाद एसीबी टीम द्वारा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूर्ण की गई। आरोपियों के कब्जे से रिश्वत की राशि जब्त कर पंचनामा तैयार किया गया तथा रासायनिक परीक्षण की प्रक्रिया भी पूरी की गई। इसके पश्चात दोनों आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत करने की तैयारी की गई।

एसीबी अधिकारियों ने बताया कि शिकायत प्राप्त होने के बाद पूरे प्रकरण का सत्यापन किया गया था। आरोप की पुष्टि होने पर योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की गई, जिसमें उप निरीक्षक अब्दुल मुनाफ को रिश्वत की राशि लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। जांच के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि सहायक उप निरीक्षक गुरु प्रसाद यादव ने प्रारंभिक रूप से रिश्वत की मांग की थी।

इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप की स्थिति रही। उच्च अधिकारियों द्वारा पूरे मामले की विभागीय समीक्षा भी शुरू कर दी गई है। यदि जांच में अन्य तथ्यों का खुलासा होता है तो संबंधितों के खिलाफ अतिरिक्त धाराओं में भी कार्रवाई की जा सकती है।

एसीबी ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई शासकीय अधिकारी या कर्मचारी किसी भी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना तत्काल भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को दें, ताकि ऐसे तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा सके।

जिले में इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

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