चरचा कॉलरी। अखिल भारतीय शेषन स्मृति 50वें गोल्ड कप फुटबॉल टूर्नामेंट के स्वर्ण जयंती समारोह के अंतर्गत प्रतियोगिता के आठवें दिन एक अत्यंत रोमांचक मुकाबला खेला गया। यह मैच जॉय यूनिवर्सिटी, चेन्नई (तमिलनाडु) एवं हीरोज क्लब, वाराणसी (उत्तर प्रदेश) के मध्य आयोजित हुआ, जिसमें दर्शकों को कड़ी प्रतिस्पर्धा, अनुशासन और खेल भावना का शानदार नजारा देखने को मिला।
मैच के मुख्य अतिथि डीएमएस माइनिंग बिलासपुर आरके सिंह एवं जिला शिक्षा अधिकारी वीके राय रहे। विशेष अतिथि के रूप में जितेंद्र गुप्ता उपस्थित थे। कार्यक्रम में अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेन्द्र बंसरीया, डॉ. वी.आर. नायक, वरिष्ठ कार्मिक प्रबंधक विकास शंकर ओझा, गौरव दुबे एवं सतीष सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही।
अतिथियों द्वारा खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर राष्ट्रगान के साथ मैच का शुभारंभ किया गया। खेल की शुरुआत अपराह्न 3:35 बजे हुई।
मैच के आरंभ से ही दोनों टीमों ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। खेल के पहले 5 मिनट में ही चेन्नई टीम के जर्सी नंबर 15 अभिजीत ने शानदार गोल दागकर बढ़त दिलाई। इसके बाद 20वें मिनट में अभिजीत ने दूसरा गोल कर स्कोर 2–0 कर दिया। वाराणसी टीम ने भी जोरदार पलटवार करते हुए जर्सी नंबर 9 के माध्यम से एक गोल कर अंतर 2–1 कर दिया। मध्यांतर तक चेन्नई टीम 2–1 की बढ़त बनाए रही।
मध्यांतर के बाद वाराणसी टीम को कई अवसर मिले, लेकिन चेन्नई के गोलकीपर ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए गोल बचाए। 16वें मिनट में वाराणसी टीम के जर्सी नंबर 17 अबुजर ने गोल कर स्कोर 2–2 से बराबर कर दिया। इसके बाद वाराणसी को लगातार मौके मिले, पर वे उन्हें भुनाने में सफल नहीं हो सके। जैसे-जैसे समय बीतता गया, मुकाबला और रोमांचक होता गया।
मैच समाप्ति से 7 मिनट पहले चेन्नई टीम के जर्सी नंबर 19 ने निर्णायक गोल कर टीम को 3–2 की बढ़त दिलाई। इसके बाद चौथा गोल करने का भी मौका मिला, लेकिन सफलता नहीं मिली। निर्धारित समय समाप्त होने तक जॉय यूनिवर्सिटी चेन्नई ने 3–2 से जीत दर्ज करते हुए क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।
मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार चेन्नई टीम के जर्सी नंबर 15 अभिजीत को डीएमएस बिलासपुर आरके सिंह के हाथों प्रदान किया गया।
मैच के मुख्य निर्णायक आशीष तिवारी रहे। सहायक निर्णायक पप्पू कुमार एवं आकाश पटवा, फोर्थ ऑफिशियल प्रभुल कुमार तथा मैच कमिश्नर अनिल कचेर थे। मैदान की देखरेख एवं फिजियोथैरेपी की जिम्मेदारी एसईसीएल से सेवानिवृत्त एवं पूर्व फुटबॉल खिलाड़ी मो. रफीक ने निभाई।
मुख्य अतिथि आरके सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ के इस जिला क्षेत्र में देशभर की फुटबॉल टीमों का उत्साहपूर्वक भाग लेना अत्यंत गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर ऑल इंडिया स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन क्षेत्र की खेल संस्कृति को मजबूत करता है। उन्होंने आयोजन समिति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 50 वर्षों से चली आ रही इस ऐतिहासिक प्रतियोगिता की परंपरा को बनाए रखना सराहनीय है और इसे भविष्य में भी खेल भावना, अनुशासन और समर्पण के साथ आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि ऐसे आयोजनों से युवाओं को न केवल अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है, बल्कि उनमें अनुशासन, टीम भावना और सकारात्मक ऊर्जा का भी विकास होता है। इससे छत्तीसगढ़ की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और सशक्त होती है। उन्होंने आयोजन समिति, खिलाड़ियों, निर्णायकों, सुरक्षाकर्मियों, चिकित्सकीय दल एवं प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े सभी सहयोगियों की प्रशंसा करते हुए नगरवासियों और खेल प्रेमियों के उत्साह को भी सराहा।
आयोजन समिति में अध्यक्ष सह क्षेत्र प्रबंधक संजय कुमार, उपाध्यक्ष संदीप कुमार, सचिव मो. रियाज, सह-सचिव तपेश्वर प्रसाद एवं प्रवीन डेहरिया तथा कोषाध्यक्ष महेश कुमार को विभिन्न दायित्व सौंपे गए हैं। आयोजकों ने नगरवासियों एवं खेल प्रेमियों से अधिक संख्या में उपस्थित होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है।
अगला मुकाबला:
प्रतियोगिता के नौवें दिन चौथा क्वार्टर फाइनल मैच दोपहर 3:00 बजे दुर्गापुर, पश्चिम बंगाल एवं जॉय यूनिवर्सिटी, चेन्नई (तमिलनाडु) के मध्य खेला जाएगा।
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