केरला पुलिस की दमदार जीत, एफसी जानल इम्फाल को 1–0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश, 50वें शेषन स्मृति गोल्ड कप फुटबॉल में छठे दिन रोमांच चरम पर


चरचा कॉलरी। अखिल भारतीय शेषन स्मृति 50वें गोल्ड कप फुटबॉल टूर्नामेंट के स्वर्ण जयंती समारोह के अंतर्गत प्रतियोगिता के छठे दिन एक अत्यंत रोमांचक मुकाबला खेला गया। मैच में दर्शकों को कड़ी प्रतिस्पर्धा, अनुशासन और खेल भावना का उत्कृष्ट प्रदर्शन देखने को मिला।
छठे दिन का मुकाबला केरला पुलिस (केरल) एवं एफसी जानल इम्फाल (मणिपुर) के मध्य खेला गया। मैच के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुर्रे रहे। इस अवसर पर मंच पर डब्ल्यूसीएल बल्लारपुर सह क्षेत्र प्रबंधक वी. श्रीनिवास, जीएम ऑपरेशन बैकुंठपुर क्षेत्र राजेन्द्र कुमार, अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. बंसरीया, डॉ. वी. आर. नायक, डॉ. अशोक बिराजी, हरि यादव एवं धर्मवीर सिंह उपस्थित रहे।
अतिथियों द्वारा खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर फोटो सेशन के पश्चात राष्ट्रगान के साथ मैच का शुभारंभ किया गया। दोनों टीमों ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। पहले हाफ में मणिपुर टीम के खिलाड़ी ने शानदार गोल करने का प्रयास किया, किंतु गेंद गोल पोस्ट से टकराकर बाहर चली गई। मध्यांतर तक दोनों टीमें 0–0 की बराबरी पर रहीं।
मध्यांतर के बाद केरला पुलिस को गोल करने का सुनहरा अवसर मिला, लेकिन वे उसे भुना नहीं सके। दोनों टीमों को लगातार गोल के मौके मिलते रहे, परंतु दोनों ओर के गोलकीपरों ने शानदार बचाव कर मैच को रोमांचक बनाए रखा। इसी क्रम में खेल के 40वें मिनट में केरला पुलिस के जर्सी नंबर 15 केपी ने बेहतरीन गोल दागकर अपनी टीम को 1–0 की बढ़त दिला दी।
मैच के अंतिम क्षणों तक एफसी जानल इम्फाल ने बराबरी का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। अंततः केरला पुलिस ने 1–0 से जीत दर्ज कर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।
मैच का मैन ऑफ द मैच पुरस्कार केरला पुलिस के जर्सी नंबर 15 केपी को पुलिस अधीक्षक रवि कुर्रे के हाथों प्रदान किया गया। इस मुकाबले के मुख्य निर्णायक पप्पू कुमार (चरचा), सहायक निर्णायक भरत कुमार (चरचा) एवं आकाश पटवा, फोर्थ ऑफिशियल प्रभुल कुमार तथा मैच कमिश्नर अनिल कचेर रहे।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक रवि कुर्रे ने अपने उद्बोधन में सड़क सुरक्षा एवं नशा मुक्ति के प्रति जागरूकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण तेज रफ्तार, लापरवाही एवं नशे की हालत में वाहन चलाना है। उन्होंने युवाओं से यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट एवं सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग करने तथा नशे से दूर रहने की अपील की।

उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है। थोड़ी-सी सावधानी अपनाकर अनेक अनमोल जिंदगियों को बचाया जा सकता है। साथ ही उन्होंने बताया कि जिले में यातायात नियमों के पालन एवं नशे के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के साथ-साथ स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर निरंतर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

प्रतियोगिता के सातवें दिन दोपहर 3:00 बजे से दिल्ली पुलिस बनाम दुर्गापुर (पश्चिम बंगाल) के मध्य मुकाबला खेला जाएगा।

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