महिलाएं खुद सुलझाएंगी विवाद, शिकायत निवारण का सशक्त माध्यम बनेगी ‘नारी अदालत’



जिला कोरिया। कलेक्टर चंदन त्रिपाठी के निर्देशानुसार तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी एन.एस. रावटे के मार्गदर्शन में ग्राम पंचायत सलका में ‘नारी अदालत’ का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण ग्राम पंचायत मनसुख एवं ग्राम पंचायत सलका में गठित नारी अदालत की सदस्य महिलाओं के लिए आयोजित किया गया।

‘नारी अदालत’ मिशन शक्ति योजना के अंतर्गत संचालित एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसे महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ग्राम पंचायत स्तर पर महिलाओं से संबंधित मामलों—जैसे शोषण, घरेलू हिंसा, अधिकारों में कटौती, दहेज प्रताड़ना एवं अन्य सामाजिक समस्याओं—का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।
नारी अदालत एक सशक्त महिला समूह है, जिसमें समाज एवं शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय महिलाएं शामिल हैं। यह समूह विभिन्न प्रकार के पारिवारिक एवं सामाजिक विवादों के समाधान, परामर्श, साक्ष्यों के आधार पर निर्णय, आपसी सहमति से मध्यस्थता एवं सुलह की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा। साथ ही महिलाओं को उनके अधिकारों, कानूनी विकल्पों एवं शासकीय योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने का कार्य भी करेगा।

इस पहल के माध्यम से गांव स्तर पर ही त्वरित, सुलभ और किफायती न्याय उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे महिलाओं को न्याय के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े। नारी अदालत का संचालन समाज में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने तथा घरेलू हिंसा एवं लैंगिक आधारित अपराधों की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला मिशन समन्वयक, संरक्षण अधिकारी (गैर संस्थागत देख-रेख), जेंडर विशेषज्ञ एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सदस्यों को नारी अदालत की कार्यप्रणाली, मध्यस्थता प्रक्रिया, कानूनी प्रावधानों एवं प्रकरणों के निष्पक्ष निपटारे संबंधी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

गांव की महिलाएं अब सिर्फ सुनेंगी नहीं, फैसला भी करेंगी। और सच कहें तो, कई बार सबसे सटीक न्याय वही लोग कर पाते हैं जो दर्द को करीब से जानते हैं।

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