चरचा कॉलरी। महाशिवरात्रि महापर्व के पावन अवसर पर रविवार को चरचा क्षेत्र के सभी शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही भक्तजन पूजा-अर्चना के लिए मंदिरों में पहुंचने लगे और देर शाम तक शिवालयों में आस्था का तांता लगा रहा। पूरे क्षेत्र में “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
बस स्टैंड के समीप स्थित शिव मंदिर में भक्तों ने दूध, जल, पुष्प एवं बेलपत्र अर्पित कर भगवान शिव का अभिषेक किया और अपने परिवार की सुख-समृद्धि व उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यहां 24 घंटे अखंड हरि कीर्तन का आयोजन किया गया, साथ ही श्रद्धालुओं के लिए पूड़ी-सब्जी का भंडारा भी आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
इसी प्रकार सुभाष नगर शिव मंदिर, बीटीसी शिव मंदिर एवं स्टाफ कॉलोनी स्थित शिव-पार्वती मंदिर में भी श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय भीड़ देखने को मिली। व्हीटीसी शिव मंदिर में खिचड़ी प्रसाद का वितरण किया गया, जहां भक्तों ने श्रद्धा भाव से प्रसाद ग्रहण किया।
एनएच-43 स्थित थाना चरचा परिसर के शिव मंदिर में भी विशेष पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर चरचा पुलिस द्वारा भोग-भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर प्रसाद प्राप्त किया।
महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जो भगवान शिव की आराधना को समर्पित है। इस दिन शिवलिंग का रुद्राभिषेक, शिवपुराण कथा, भजन-कीर्तन एवं अखंड नाम संकीर्तन जैसे धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व होता है। चरचा क्षेत्र में भी श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा कर भगवान शिव से सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद मांगा।
यह पर्व केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि सामाजिक एवं सांस्कृतिक एकता का भी संदेश देता है। महाशिवरात्रि के अवसर पर लोग एकत्र होकर भक्ति में लीन होते हैं और समाज में प्रेम, सद्भाव एवं आध्यात्मिक चेतना का संचार करते हैं।
श्रद्धालुओं ने प्रातःकाल से ही व्रत रखकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। कई भक्तों ने निर्जला व्रत का पालन करते हुए रात्रि जागरण कर शिव भजन, आरती और मंत्रोच्चार में भाग लिया। मंदिरों को रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों की मालाओं और आकर्षक सजावट से सुसज्जित किया गया था, जिससे पूरा क्षेत्र शिवमय वातावरण में सराबोर दिखाई दिया।
महिलाओं एवं युवतियों ने भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर अखंड सौभाग्य एवं सुखी वैवाहिक जीवन की कामना की, वहीं युवाओं ने भी बढ़-चढ़कर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। बच्चों में भी उत्साह देखा गया, जो अपने परिजनों के साथ मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना में शामिल हुए।
पूरे दिन मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं, किंतु व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रहीं। समिति के सदस्यों एवं स्वयंसेवकों ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की थी। सुरक्षा की दृष्टि से भी आवश्यक प्रबंध किए गए थे, जिससे पर्व शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर चरचा क्षेत्र में श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम देखने को मिला। भक्तों का मानना है कि सच्चे मन से की गई शिव आराधना जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और नई दिशा प्रदान करती है। देर रात तक मंदिरों में आरती और भजन-कीर्तन का क्रम जारी रहा, जिससे पूरा क्षेत्र शिवभक्ति में डूबा रहा।
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